Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Sep, 2026 09:45 AM

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव में एक सदी से अधिक पुराने हिंदू मंदिर के कथित तौर पर नष्ट होने या ढहने की घटना को लेकर विवाद गहरा गया है।
लाहौर (इंट): पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले के सिराज गांव में एक सदी से अधिक पुराने हिंदू मंदिर के कथित तौर पर नष्ट होने या ढहने की घटना को लेकर विवाद गहरा गया है।
नॉर्थ अमरीकन पंजाबी एसोसिएशन (एन.ए.पी.ए.) ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने तथा अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
एन.ए.पी.ए. के एग्जीक्यूटिव डायरैक्टर सतनाम सिंह चहल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की। संगठन के अनुसार मंदिर करीब 100 से 125 साल पुराना था और गत 21 अगस्त को इसके नष्ट होने या ढहने की खबर सामने आई।
घटना को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। अल्पसंख्यक प्रतिनिधियों, स्थानीय लोगों और पाकिस्तान मसीहा मिल्लत पार्टी ने आरोप लगाया है कि मंदिर को कथित तौर पर पास के मदरसे के इस्तेमाल या विस्तार के लिए जानबूझकर गिराया गया। वहीं, इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारी बारिश के कारण मंदिर का ढांचा ढह गया। एन.ए.पी.ए. ने घटना के बाद मंदिर के गुंबद या शिखर से ईंटों, धातु और अन्य निर्माण सामग्री हटाए जाने की खबरों की भी जांच की मांग की है। संगठन ने कहा कि अलग-अलग दावों के बीच निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।