Edited By Sarita Thapa,Updated: 11 Apr, 2026 10:21 AM

धर्मनगरी अयोध्या में राम जन्मभूमि पर विराजमान भगवान रामलला का भव्य मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। इस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण में कुल ₹1800 करोड़ की लागत आई है। इसके साथ ही भक्तों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
Ram Mandir : धर्मनगरी अयोध्या में राम जन्मभूमि पर विराजमान भगवान रामलला का भव्य मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। इस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण में कुल ₹1800 करोड़ की लागत आई है। इसके साथ ही भक्तों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मुख्य मंदिर के साथ ही परिसर में बनाए गए कई अन्य उपमंदिरों को भी दर्शनों के लिए खोल दिया जाएगा।
13 अप्रैल से होंगे नए विग्रहों के दर्शन
भक्तों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। 13 अप्रैल 2026 से राम मंदिर परिसर में स्थापित किए गए विभिन्न देवी-देवताओं के उपमंदिरों में भी श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। यह निर्णय मंदिर ट्रस्ट द्वारा भक्तों की बढ़ती भीड़ और उनकी धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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परिसर में मौजूद होंगे ये प्रमुख उपमंदिर
मुख्य रामलला मंदिर के अलावा, परिसर में कई महत्वपूर्ण उपमंदिरों का निर्माण किया गया है, जिन्हें पंचदेव मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
हनुमान मंदिर: भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी का मंदिर, जहां भक्त अपनी मन्नतें मांग सकेंगे।
मां अन्नपूर्णा मंदिर: अन्न और समृद्धि की देवी मां अन्नपूर्णा का मंदिर।
भगवान शिव मंदिर: महादेव को समर्पित मंदिर, जो रामलला के परिसर में एक पवित्र स्थान रखता है।
मां शक्ति मंदिर: देवी शक्ति को समर्पित मंदिर, जहां मां दुर्गा के रूप में भक्त उनकी पूजा कर सकेंगे।
भगवान गणेश मंदिर: विघ्नहर्ता भगवान गणेश का मंदिर, जहां भक्त अपनी हर नई शुरुआत के लिए आशीर्वाद लेंगे।
इनके अलावा, परिसर में ऋषि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ और अन्य ऋषियों को समर्पित मंदिर भी बनाए गए हैं, जो राम मंदिर की पवित्रता को और बढ़ाएंगे।
निर्माण कार्य हुआ पूरा, अब शुरू हुआ विकास का अगला चरण
₹1800 करोड़ की लागत से तैयार हुए इस मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य अब संपन्न हो गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर का प्रथम चरण, जिसमें मुख्य मंदिर और पंचदेव मंदिर शामिल हैं, अब दर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है। निर्माण कार्य के अगले चरण में अब परिसर के बाहर विकास कार्य, जैसे कि एक बड़ा यात्री सुविधा केंद्र अत्याधुनिक संग्रहालय, और भव्य परिक्रमा मार्ग का निर्माण किया जाएगा। मंदिर के मुख्य वास्तुकार ने बताया कि मंदिर का निर्माण पारंपरिक भारतीय शिल्प कला और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से किया गया है, जो आने वाली सदियों तक सुरक्षित और भव्य बना रहेगा।
रामलला के दर्शनों के लिए देशभर से पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
रामलला के भव्य मंदिर के द्वार खुलने के बाद से ही अयोध्या में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। देशभर के कोने-कोने से श्रद्धालु भगवान रामलला के एक झलक पाने के लिए पहुँच रहे हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। 13 अप्रैल से उपमंदिरों के द्वार खुलने के साथ ही अयोध्या में धार्मिक गतिविधियों में और तेजी आएगी, और भक्त अपने आराध्य के साथ-साथ उनके पूरे परिवार और ऋषियों का आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकेंगे।
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