तुलसी का पत्ता तोड़ने से पहले 1 बार पढ़ लें ये बात

Edited By Jyoti, Updated: 08 May, 2022 09:53 AM

rules for plucking tulsi leaves

​​​​​​​जैसा कि सब जानते हैं हिंदू धर्म में तुलसी का अधिक महत्व है। मान्यता है कि जिस घर में मां तुलसी की पूजा विधि-विधान से की जाती है। वहां पर

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

जैसा कि सब जानते हैं हिंदू धर्म में तुलसी का अधिक महत्व है। मान्यता है कि जिस घर में मां तुलसी की पूजा विधि-विधान से की जाती है। वहां पर हमेशा मां लक्ष्मी का वास रहता है। इसलिए सुबह रोजाना तुलसी के पौधे को जल देना चाहिए और शाम के समय घी का दीपक जलाना चाहिए। वैशाख माह में तुलसी पूजन का काफी अधिक महत्व है। क्योंकि इस माह को भगवान विष्णु का प्रिय माह माना जाता है। इसलिए रोजाना भगवान विष्णु को तुलसी दल चढ़ाने से हर तरह के कष्ट से छुटकारा मिल जाता है। शास्त्रों में जहां एक ओर तुलसी पूजन के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया है। वहीं दूसरी ओर तुलसी तोड़ने के भी कुछ नियम बताए गए हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, तुलसी की पत्तियों को रविवार के दिन नहीं तोड़ना चाहिए। इस दिन तुलसी तोड़ने से भगवान विष्णु आपसे नाराज होते हैं।

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विष्णु पुराण के अनुसार, एकादशी, द्वादशी, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण के दिन भी तुलसी तोड़ने से तुलसी मैया रूष्ट हो जाती है। इससे घर में कलह पैदा होती है। इसके अलावा सूरज ढलने के बाद कभी भी तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए। हो सके तो सुबह के समय ही तुलसी तोड़ कर रख लें। इसकी एक खास बात होती है कि ये कभी भी खराब नहीं होती। इसके सुखे पत्ते भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कभी भी अनावश्यक रूप से तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए। अगर आप तुलसी तोड़कर उसका इस्तेमाल नहीं करते तो इससे श्री हरि नाराज़ हो जाते हैं।

रविवार के दिन तुलसी के पौधे को जल भी नहीं देना चाहिए। मान्यता है कि तुलसी माता रविवार के दिन भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में जल देने से व्रत खंडित हो जाता है। तो वहीं ये भी देखा जाता है कि महिलाएं स्नान करके खुले बालों में ही तुलसी को जल देने आ जाती हैं जो कि गलत है। तुलसी को भगवान विष्णु ने सदा सुहागन रहने का वरदान दिया है और इसके लिए उन्हें अपने सिर पर स्थान प्रदान किया है। सौभाग्य वृद्धि के लिए बालों को बांधकर और मांग में सिंदूर लगाकर तुलसी को जल देना चाहिए। खुले बाल होने पर तुलसी के पौधे पर बाल गिरने और भींगे बालों से जल टपकने की आशंका रहती है जिसे शुभ नहीं माना जाता है। इसके अलावा तुलसी को कभी भी बिना नहाए नहीं छुना चाहिए। तुलसी तोड़ने से पहले हमेशा स्नान करना अवश्य माना जाता है। ऐसी अवस्था में तोड़ी गई तुसली को भगवान स्वीकार नहीं करते।

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बताते चलें, जहां एक तरफ भगवान विष्णु जी को तुलसी अति प्रिय है। वहीं श्री गणेश जी और भगवान शंकर को तुलसी चढ़ाना वर्जित माना गया है। इसलिए ध्यान रखें गणेश जी और शिव जी को कभी भी तुलसी न चढ़ाएं।

शास्त्रों के अनुसार घर में कभी भी तुलसी का सुखा पौधा नहीं रखना चाहिए। अगर घर में तुलसी का पौधा सूख जाता है तो उसे किसी पवित्र नदी, या तालाब में प्रवाहित कर दें। सूखा हुआ तुलसी का पौधा घर में होने से तरक्कीस को रोक देता है।

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