Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Jan, 2026 07:51 AM

माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानी सकट चौथ का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसे संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ या माघी चतुर्थी भी कहा जाता है।
Sakat Chauth 2026 puja samagri list : माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानी सकट चौथ का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इसे संकष्टी चतुर्थी, तिलकुटा चौथ या माघी चतुर्थी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर संतान पर आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। अगर आप भी इस वर्ष बप्पा को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो अपनी पूजा की थाली में इन विशेष सामग्रियों को शामिल करना न भूलें। तो आइए जानते हैं सकट चौथ पूजा की थाली की पूरी सूची के बारे में-
सकट चौथ पूजा की अनिवार्य सामग्री
तिल और गुड़
इस व्रत का नाम ही 'तिलकुटा चौथ' है, इसलिए काले तिल और गुड़ का बना हुआ तिलकुटा सबसे महत्वपूर्ण है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।
दूर्वा
गणेश जी को दूर्वा अति प्रिय है। पूजा की थाली में 21 दूर्वा की गांठें जरूर रखें।
शकरकंद
सकट चौथ की पूजा में शकरकंद का भोग लगाना अनिवार्य परंपरा है। इसे उबालकर या भूनकर बप्पा को अर्पित किया जाता है।

पीले फूल और फल
बप्पा को पीला रंग प्रिय है, इसलिए गेंदे के फूल और केले या कोई भी मौसमी फल जरूर रखें।
कलश और अक्षत
तांबे या मिट्टी के कलश में जल भरें और उस पर कलावा बांधें। पूजा के लिए अखंडित चावल का प्रयोग करें।
धूप, दीप और कपूर
आरती के लिए शुद्ध घी का दीपक और सुगंधित धूपबत्ती अपनी पूजा की थाली में जरूर रखें।
लकड़ी की चौकी और पीला वस्त्र
भगवान की मूर्ति स्थापित करने के लिए चौकी और उस पर बिछाने के लिए साफ पीला कपड़ा।
चंद्रमा को अर्घ्य देने का सामान
शाम को चंद्रोदय के समय दूध, गंगाजल और साफ पानी मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है।

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