विश्वभर के लोगों में मानव एकता की भावना जागृत हुई : संत राजिन्दर सिंह

Edited By Updated: 09 Feb, 2024 09:02 AM

sant rajinder singh ji maharaj

विश्व एकता, परस्पर प्रेम और भाईचारे को संपूर्ण विश्वभर में फैलाने के उद्देश्य से 35वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अगुवाई सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंह ने की।

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नई दिल्ली (ब्यूरो) : विश्व एकता, परस्पर प्रेम और भाईचारे को संपूर्ण विश्वभर में फैलाने के उद्देश्य से 35वें अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसकी अगुवाई सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दर सिंह ने की। तीन दिवसीय सम्मेलन में  विभिन्न धर्मों के धर्माचार्य और अंतर्राष्ट्रीय वक्ता एक सांझे मंच पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण जरूरत आंतरिक शांति तथा अध्यात्म द्वारा मानव एकता को पाने के विषय में अपने विचार व्यक्त किए। 

इस मौके पर संत कृपाल सिंह जी महाराज का 130वां जन्मोत्सव मनाया गया, जिन्होंने विश्व के कोने-कोने में रूहानियत का प्रचार-प्रसार किया। इस वर्ष मानव एकता आंदोलन की 50वीं वर्षगांठ भी है। संत राजिन्दर सिंह ने कहा कि सभी वर्गों, मान्यताओं, धर्मों और देशों के लोग इस सांझे मंच पर इकट्ठे होकर यह जान सकें कि आत्मिक स्तर पर पर सब एक ही हैं। 

हमारी आस्था और राष्ट्रीयता के बावजूद चाहे हम परमात्मा में विश्वास करते हों या नहीं, फिर भी हम सब मानवता के स्तर पर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सभी को अपना ध्यान पिता-परमेश्वर पर केन्द्रित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि संत कृपाल सिंह जी महाराज दिव्य-प्रेम और करूणा के मसीहा थे। एक निपुण माली के रूप में उन्होंने सैकड़ों आत्माओं का पोषण किया और उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर ले गए। वे चाहते थे कि हम एक नैतिक और शांतिपूर्ण जीवन जियें।

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