Edited By Sarita Thapa,Updated: 08 Aug, 2026 01:31 PM

हिंदू धर्म में और वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र और पूजनीय स्थान दिया गया है क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु जी को अत्यंत प्रिय है। माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का वास होता है और उनकी...
Tulsi Vastu Tips : हिंदू धर्म में और वास्तु शास्त्र में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र और पूजनीय स्थान दिया गया है क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु जी को अत्यंत प्रिय है। माना जाता है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है वहां माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का वास होता है और उनकी विशेष कृपा बनी रहती है। वैसे तो हर किसी के घर में तुलसी का पौधा लगा हुआ देखने को मिल जाता है। लेकिन कई लोग अनजाने में तुलसी के पौधे को इधर-उधर लगा देते हैं। वास्तु के अनुसार, तुलसी के पौधे को घर में लगाने से पहले कुछ खास नियमों और दिशाओं का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। गलत दिशा या गलत तरीके से लगाया गया तुलसी का पौधा घर में नकारात्मक ऊर्जा भी ला सकता है। तो आइए जानते हैं तुलसी का पौधा लगाने से पहले कौन से नियमों का ध्यान रखें।
तुलसी लगाने की सबसे शुभ दिशाएं
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पौधे में अद्भुत सकारात्मक ऊर्जा होती है। इसे सही दिशा में रखने से घर के वास्तु दोष समाप्त होते हैं। तुलसी का पौधा लगाने के लिए उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे उत्तम और शुभ माना गया है। यह दिशा देवताओं का स्थान मानी जाती है, जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है। यदि ईशान कोण में जगह न हो, तो आप इसे उत्तर या पूर्व दिशा में रख सकते हैं। इस दिशा में तुलसी रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
भूलकर भी इन दिशाओं में न रखें तुलसी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा पितरों और यमराज की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में तुलसी का पौधा रखना बेहद अशुभ माना गया है। इससे आर्थिक हानि और गृह-क्लेश बढ़ सकता है। साथ ही पश्चिम दिशा में भी तुलसी का पौधा रखने से बचना चाहिए।
तुलसी से जुड़े वास्तु नियम
तुलसी का पौधा बेहद पवित्र होता है। इसके गमले के आसपास जूते-चप्पल, झाड़ू, कूड़ेदान या गंदे कपड़े कभी न रखें। ऐसा करने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं।
रविवार, एकादशी और सूर्य/चंद्र ग्रहण के दिन तुलसी में जल अर्पित नहीं करना चाहिए और न ही इसके पत्ते तोड़ने चाहिए।सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्तों को छूना या तोड़ना वर्जित है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी जी की पूजा में कुछ वर्जन हैं। तुलसी के गमले में शिव जी का शिवलिंग या गणेश जी की प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए। इसके बजाय आप पास में शालिग्राम जी की स्थापना कर सकते हैं।
यदि देख-रेख के बावजूद तुलसी का पौधा सूख जाए, तो उसे गमले में न छोड़ें। सूखे पौधे को किसी बहती नदी या पवित्र जलाशय में जलप्रवाहित कर दें और उसकी जगह नया पौधा लगाएं। सूखा पौधा घर में नकारात्मकता लाता है।