Edited By Sarita Thapa,Updated: 23 Jan, 2026 11:45 AM

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक बार फिर आस्था का अद्भुत सैलाब देखने को मिला है। भगवान के भंडार से निकली राशि ने इस बार पुराने कई रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है।
Sanwalia Seth Temple Donation News 2026 : राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में एक बार फिर आस्था का अद्भुत सैलाब देखने को मिला है। भगवान के भंडार से निकली राशि ने इस बार पुराने कई रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। भक्तों के बिजनेस पार्टनर कहे जाने वाले श्री सांवलिया सेठ के दरबार में दान की गणना ने सबको हैरान कर दिया है। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर खोले गए भंडार से नोटों का ऐसा पहाड़ निकला कि चार चरणों की गिनती के बाद अब तक कुल 26 करोड़ 81 लाख 65 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है।
आस्था की अटूट गिनती
मंदिर मंडल के अध्यक्ष और सदस्यों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच नोटों की गिनती की जा रही है। अब तक हुई चार राउंड की गिनती में यह विशाल धनराशि सामने आई है। दानपात्र से केवल नगदी ही नहीं, बल्कि भक्तों द्वारा अर्पित किया गया भारी मात्रा में सोना और चांदी भी निकला है, जिसका वजन और मूल्यांकन अभी किया जाना शेष है। दानपात्र की राशि के अलावा, मंदिर कार्यालय को मनीऑर्डर और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से भी करोड़ों का दान प्राप्त हुआ है।
अब पांचवें चरण पर टिकी निगाहें
भले ही 26.81 करोड़ का आंकड़ा पार हो चुका है, लेकिन अभी गणना पूरी नहीं हुई है। अब सबकी नजरें पांचवें और अंतिम चरण की गिनती पर हैं। माना जा रहा है कि शेष बचे सिक्कों और नोटों की गिनती के बाद यह आंकड़ा 30 करोड़ के करीब पहुँच सकता है।
भक्तों का विश्वास
मान्यता है कि भक्त अपनी आय का कुछ हिस्सा सांवलिया सेठ को अपना 'साझेदार' मानकर उनके चरणों में अर्पित करते हैं। यही कारण है कि यहां हर महीने भंडार खुलने पर करोड़ों की राशि निकलती है, जो जन-कल्याण और मंदिर के विकास कार्यों में खर्च की जाती है।
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