Edited By Sarita Thapa,Updated: 01 Mar, 2026 08:45 AM

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर से श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मंदिर की परंपरा के अनुसार, ऋतु परिवर्तन के कारण बाबा महाकाल की आरतियों के समय में बदलाव किया जा रहा है।
Ujjain Mahakaleshwar Temple news : उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकालेश्वर मंदिर से श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मंदिर की परंपरा के अनुसार, ऋतु परिवर्तन के कारण बाबा महाकाल की आरतियों के समय में बदलाव किया जा रहा है। हर साल चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से आरतियों के समय में परिवर्तन की परंपरा रही है। इस वर्ष 4 मार्च 2026 से बाबा की 5 में से 3 प्रमुख आरतियों का समय बदल जाएगा। अब ये आरतियां अपने पुराने समय से लगभग 30 मिनट पहले संपन्न की जाएंगी।
नया संभावित समय चार्ट
दद्योदक (बाल भोग) आरती: सुबह 7:30 की जगह अब 7:00 बजे होगी।
भोग आरती: सुबह 10:30 की जगह अब 10:00 बजे होगी।
संध्या आरती: शाम 6:30 की जगह अब 7:00 बजे होगी।
भस्म आरती: इसमें कोई बदलाव नहीं है, यह अपने नियत समय सुबह 4:00 बजे ही होगी।
ठंडे जल से अभिषेक की शुरुआत
मंदिर के पुजारियों ने बताया कि गर्मी के आगमन के साथ ही बाबा महाकाल की दिनचर्या में भी बदलाव होता है। 4 मार्च से ही भगवान महाकाल को गर्म जल के स्थान पर ठंडे जल से स्नान कराया जाएगा। इसके साथ ही, वैशाख मास शुरू होते ही भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए शिवलिंग के ऊपर 11 जलपात्र बांधी जाएंगी, जिससे निरंतर जलधारा प्रवाहित होगी।
चंद्र ग्रहण का प्रभाव (3 मार्च)
आरती के समय में स्थायी बदलाव से एक दिन पहले यानी 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। पुजारियों के अनुसार, ग्रहण के कारण 3 मार्च को सुबह भगवान को अन्न का भोग नहीं लगाया जाएगा केवल शक्कर का भोग लगेगा। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण होगा और फिर विशेष पूजा-आरती की जाएगी।
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