Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Sep, 2026 12:19 PM

Terrace Vastu Rules: घर की छत पर 1-2 कमरे बनवा रहे हैं? जानिए वास्तु शास्त्र के अनुसार सही दिशा, 4-6 इंच ऊंचे फ्लोर लेवल और बरसात के पानी से बचाव के महत्वपूर्ण नियम।
Terrace Vastu Rules: परिवार की बढ़ती जरूरतों और अतिरिक्त जगह की आवश्यकता को पूरा करने के लिए अक्सर लोग अपने घर की छत (Terrace) पर 1 या 2 कमरे बनवा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि छत पर कराया गया निर्माण यदि वास्तु के अनुकूल न हो, तो इससे घर का संतुलन प्रभावित हो सकता है? घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए छत पर कमरे की सही दिशा, सही फ्लोर लेवल और बरसात के पानी के निकास से जुड़ी कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं छत पर कमरा बनवाते समय किन वास्तु नियमों का पालन अनिवार्य है।
छत पर कमरे बनवाने के लिए सबसे वास्तुअनुकूल स्थान केवल नैऋत्य कोण, दक्षिण दिशा या पश्चिम दिशा ही है। छत पर कमरे बनाते समय यहां का फ्लोर लेवल 4-6 इंच ऊंचा रखना पड़ता है ताकि बरसात का पानी कमरों में न आये। छत की उत्तर दिशा एवं पूर्व दिशा खुली और नीची रहती है तो यह स्थिति पूर्णतः वास्तुअनुकूल होती है।

छत की उत्तर दिशा, ईशान कोण या पूर्व दिशा में कमरे बनाने से बचना चाहिए लेकिन यदि किसी कारणवश इस दिशा में कमरे बनाना पड़े और यहां का फ्लोर लेवल 4-6 इंच ऊंचा रखना पड़ता है तब भी आपको दक्षिण-पश्चिम दिशा स्थित खुले भाग का फ्लोर लेवल इन कमरों के फ्लोर लेवल बराबर रखना होगा। अन्यथा महत्वपूर्ण वास्तुदोष होगा। बरसात का पानी कमरों में न आये इसके लिए कमरे के दरवाजे पर 2-3 इंच ऊंची पत्थर की पट्टी-राइजर लगा देना चाहिए।
वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
thenebula2001@gmail.com
