ललिता सप्तमी पर घर की सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और सुख-समृद्धि के लिए अपनाएं ये वास्तु उपाय

Edited By Updated: 16 Sep, 2026 02:04 PM

lalita saptami vastu tips

सनातन धर्म में राधा अष्टमी से एक दिन पहले आने वाली ललिता सप्तमी का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ललिता सप्तमी का पर्व मनाया जाता है।

Lalita Saptami Vastu Tips: सनातन धर्म में राधा अष्टमी से एक दिन पहले आने वाली ललिता सप्तमी का बहुत खास महत्व है। भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को ललिता सप्तमी का पर्व मनाया जाता है। यह तिथि राधा रानी की स अष्टसखियों में सबसे  प्रिय और प्रधान सखी माता ललिता के प्राकट्य दिवस के रूप में प्रसिद्ध है। इस साल ललिता सप्तमी 18 सितंबर, 2026 को मनाई जाएगी। माना जाता है कि ललिता देवी की कृपा से जीवन में प्रेम, सौभाग्य और ऋद्धि-सिद्धि का आगमन होता है। वास्तु शास्त्र में ललिता सप्तमी की तिथि को नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और घर के वास्तु दोषों को मिटाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। यदि आप भी अपने घर में खुशहाली, सकारात्मकता और आर्थिक समृद्धि चाहते हैं, तो इस शुभ दिन  ये 4 आसान वास्तु उपाय जरूर करें। 

मुख्य द्वार पर गंगाजल और हल्दी का छिड़काव
ललिता सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और तांबे के लोटे में गंगाजल लेकर उसमें थोड़ी सी हल्दी मिलाएं। इसके बाद आम या अशोक के पत्तों से इस जल को घर के मुख्य द्वार पर छिड़के। मना जाता है कि इस उपाय को करने से घर के मुख्य द्वार पर किसी भी प्रकार की नकारात्मक या बुरी शक्तियों का प्रवेश नहीं होता है। 

ईशान कोण में जलाएं कपूर और लौंग
वास्तु के अनुसार, घर का ईशान कौण देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। ललिता सप्तमी की शाम घर के ईशान कौण या अपने पूजा घर में मिट्टी के दीपक में 2 कपूर की टिकिया और 2 साबुत लौंग रखकर जलाएं। इस उपाय को करने से वातावरण में मौजूद वास्तु दोषों का नाश होता है और लंबे समय से रुकी हुई आर्थिक तंगी समाप्त होता है।

पूजा स्थल पर गुलाल और ताजे पीले फूलों का प्रयोग
माता ललिता भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी के अलौकिक प्रेम और आनंद की प्रतीक हैं। ललिता सप्तमी के दिन अपने पूजा स्थल को ताजे गेंदे के पीले फूलों और गुलाल से सजाएं। माता ललिता और राधा-कृष्ण के चरणों में गुलाबी या लाल रंग का गुलाल अर्पित करें। ऐसा करने से घर के सदस्यों के बीच चल रहे आपसी क्लेश दूर होते हैं और दांपत्य जीवन में मिठास बनी रहती है। 

उत्तर दिशा में स्थापित करें जल से भरा तांबे का पात्र
वास्तु शास्त्र  में उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर और माता लक्ष्मी की दिशा माना गया है। इसलिए ललिता सप्तमी के दिन घर के उत्तर दिशा को पूरी तरह से साफ  करें और वहां तांबे के छोटे कलश में स्वच्छ जल भरकर रखें। माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन में आ रही सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और शुभ फलों का प्राप्ति होती है।  

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