Edited By Sarita Thapa,Updated: 19 Aug, 2026 10:25 AM

हिंदू धर्म में तुलसीदास गोस्वामी तुलसीदास जी का स्थान बहुत आदरणीय है। हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को तुलसीदास जयंती मनाई जाती है।
Tulsidas Jayanti 2026 : हिंदू धर्म में तुलसीदास गोस्वामी तुलसीदास जी का स्थान बहुत आदरणीय है। हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को तुलसीदास जयंती मनाई जाती है। उन्होंने अवधी भाषा में महाकाव्य 'श्रीरामचरितमानस' की रचना करके प्रभु श्री राम की भक्ति को जन-जन तक पहुंचाया। माना जाता है कि तुलसीदास जयंती के दिन श्रीरामचरितमानस की सिद्ध चौपाइयों का पाठ करने से जीवन में आने वाले हर संकट से राहत मिलती है और मनचाही सफलता प्राप्त होती है।
बच्चों की एकाग्रता और विद्या प्राप्ति के लिए
यदि आपके बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता, याददाश्त कमजोर है या परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त नहीं हो पा रहे हैं, तो प्रतिदिन बच्चे से इस चौपाई का पाठ करवाएं या स्वयं उसके लिए 21 बार जाप करें:
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई।
अलप काल विद्या सब आई॥
पारिवारिक प्रेम और मधुर संबंधों के लिए
घर-परिवार, समाज या रिश्तेदारों के साथ आपसी तालमेल बेहतर करने और रिश्तों में मिठास व स्नेह बढ़ाने के लिए इस चौपाई का 11 बार पाठ करना शुभ होता है।
सब नर करहिं परस्पर प्रीती।
चलहिं स्वधर्म निरत श्रुति नीती॥

उत्तम स्वास्थ्य और रोगों से बचाव के लिए
शारीरिक कष्टों, बीमारियों और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने तथा सदैव निरोगी रहने की कामना से इस चौपाई का 11 बार सच्चे मन से जाप करें।
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज नहिं काहुहिं व्यापा॥
संतान सुख की प्राप्ति के लिए
जो दंपति संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उन्हें मां कौशल्या और प्रभु राम के बाल रूप का ध्यान करते हुए इस चौपाई का रोजाना 51 बार पाठ करना चाहिए।
प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान।
सुत सनेह बस माता बाल चरित कर गान॥
अचानक आई विपत्तियों और संकटों से रक्षा के लिए
जब जीवन में अचानक कोई बड़ा संकट, डर या कठिन परिस्थिति आ जाए, तो प्रभु श्री राम के चरणों में प्रार्थना करते हुए इस चौपाई का 108 बार जाप करें।
दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी॥

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