2nd Sawan Somwar 2026 : सावन के दूसरे सावन सोमवार पर इन फूलों से करें भगवान शिव का श्रृंगार, जीवन में बरसेगी भोलेनाथ की कृपा

Edited By Updated: 09 Aug, 2026 11:57 AM

2nd sawan somwar 2026

हिंदू धर्म में सावन का माह शिव जी की पूजा के लिए बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। सावन का दूसरा सावन सोमवार बहुत खास रहने वाला है क्योंकि इस बार सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

2nd Sawan Somwar 2026 : हिंदू धर्म में सावन का माह शिव जी की पूजा के लिए बहुत पवित्र और शुभ माना जाता है। सावन का दूसरा सावन सोमवार बहुत खास रहने वाला है क्योंकि इस बार सावन सोमवार के दिन प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साव के दूसरा सोमवार का व्रत 10 अगस्त, 2026 को रखा जाएगा। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से शिव जी की पूजा करने और रुद्राभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भोलेबाबा भाव के भूखे हैं, वो भक्त की सरल पूजा विधि से भी प्रसन्न हो जाते हैं। शास्त्रों को अनुसार, अगर सावन  के दूसरे सोमवार पर शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के साथ-साथ शिवजी के प्रिय पुष्पों से उनका श्रृंगार किया जाए, तो जीवन से कंगाली, रोग और भय दूर होते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस पावन दिन किन फूलों से भोलेनाथ का श्रृंगार करना सबसे शुभ फलदायी होता है।

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सावन सोमवार पर भोलेनाथ को अर्पित करें ये शुभ फूल

कनेर का फूल 
कनेर का पीला फूल भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है।  सावन सोमवार को पीले कनेर के फूलों से शिवलिंग का श्रृंगार करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और दरिद्रता का नाश होता है।

धतूरे के फूल
शिव पूजा में धतूरे का फल और फूल दोनों अर्पित किए जाते हैं। सफेद धतूरे के फूल से श्रृंगार करने पर संतान संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और योग्य संतान की प्राप्ति होती है।

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आंकड़े या मदार के फूल
आंकड़े के सफेद या हल्के बैंगनी फूल महादेव को विशेष प्रिय हैं। भोलेनाथ को आंकड़े के फूल चढ़ाने से शारीरिक बीमारियां दूर होती हैं, मानसिक शांति मिलती है और लंबी आयु का वरदान प्राप्त होता है।

चमेली का फूल 
चमेली की भीनी सुगंध शिवजी को शीतलता प्रदान करती है। सावन के सोमवार पर चमेली के फूलों से शिव जी का पूजन करने से घर में वाहन, संपत्ति और भौतिक सुख-सुविधाओं का विस्तार होता है।

अपराजिता का फूल 
नीले रंग का अपराजिता फूल भगवान शिव के 'नीलकंठ' स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। इसे अर्पित करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और नौकरी व व्यवसाय में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।

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