Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 Oct, 2026 12:40 PM

धार्मिक नगरी उज्जैन में शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर सदियों पुरानी नगर पूजा की परंपरा निभाई जा रही है। सोमवार सुबह चौबीस खंबा माता मंदिर में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने महामाया और महालया माता की पूजा-अर्चना कर मदिरा का भोग अर्पित किया।
Ujjain 24 Khamba Temple Liquor Offering (विशाल ठाकुर) : धार्मिक नगरी उज्जैन में शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर सदियों पुरानी नगर पूजा की परंपरा निभाई जा रही है। सोमवार सुबह चौबीस खंबा माता मंदिर में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने महामाया और महालया माता की पूजा-अर्चना कर मदिरा का भोग अर्पित किया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ शासकीय नगर पूजा दल 26 किलोमीटर की यात्रा पर रवाना हुआ।
उज्जैन में महाअष्टमी के अवसर पर होने वाली नगर पूजा को विशेष धार्मिक और तांत्रिक परंपरा माना जाता है। मान्यता है कि इस पूजा से शहर को अनिष्ट, महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा मिलती है, साथ ही नागरिकों की सुख-समृद्धि बनी रहती है। चौबीस खंबा माता मंदिर में विधि-विधान से पूजन के बाद नगर पूजा दल शहर के विभिन्न मंदिरों के लिए निकला। इस दौरान करीब 40 देवी, भैरव और हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना की जा रही है। परंपरा के अनुसार, देवी और भैरव मंदिरों में मदिरा का भोग चढ़ाया जाता है, जबकि हनुमान मंदिरों में ध्वजा अर्पित की जाती है।
इस विशेष आयोजन के लिए पूजन सामग्री की व्यवस्था प्रशासन करता है। पूजा में करीब 45 प्रकार की सामग्री जुटाई जाती है। आबकारी विभाग द्वारा पूजन के लिए 30 बोतल शराब उपलब्ध कराई जाती है। आयोजन पर लगभग 18 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न मंदिरों में पूजन करते हुए आगे बढ़ती है। नगरवासी भी जगह-जगह यात्रा का स्वागत करते हैं। देर शाम गढ़कालिका माता मंदिर में पूजा के बाद अंकपात क्षेत्र स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में हांडी फोड़कर इस सदियों पुरानी नगर पूजा का समापन किया जाएगा।
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