Edited By Prachi Sharma,Updated: 21 Feb, 2026 01:49 PM

Vivah Muhurat March 2026 : हिंदू धर्म में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन और एक पवित्र संस्कार माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, कोई भी मांगलिक कार्य, विशेषकर विवाह, बिना शुभ मुहूर्त के संपन्न नहीं किया जाता।...
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Vivah Muhurat March 2026 : हिंदू धर्म में विवाह को केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन और एक पवित्र संस्कार माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, कोई भी मांगलिक कार्य, विशेषकर विवाह, बिना शुभ मुहूर्त के संपन्न नहीं किया जाता। मुहूर्त का चयन ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र और तिथि के आधार पर किया जाता है ताकि नवदंपति का जीवन सुखमय और बाधा रहित रहे। वर्ष 2026 के मार्च महीने में विवाह के इच्छुक जातकों के लिए समय थोड़ा सीमित है। इस महीने में केवल 8 मुख्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण 'खरमास' का प्रारंभ होना है, जिसके बाद हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है।
Marriage Muhurat in March 2026 मार्च 2026 विवाह मुहूर्त
| तिथि |
दिन |
मुहूर्त |
| 02 मार्च 2026 |
सोमवार |
दोपहर 01:46 – शाम 05:53 |
| 03 मार्च 2026 |
मंगलवार |
सुबह 07:00 – सुबह 07:30 |
| 04 मार्च 2026 |
बुधवार |
सुबह 07:39 – सुबह 08:50 |
| 07 मार्च 2026 |
शनिवार |
सुबह 11:16 – सुबह 06:53 (08-मार्च) |
| 08 मार्च 2026 |
रविवार |
सुबह 06:55 – सुबह 07:04 |
| 09 मार्च 2026 |
सोमवार |
शाम 04:14 – रात 11:27 |
| 11 मार्च 2026 |
बुधवार |
सुबह 04:41 – सुबह 06:51 (12-मार्च) |

मार्च में क्यों हैं कम मुहूर्त ?
जब सूर्य देव कुम्भ से निकलकर मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस काल को खरमास कहा जाता है। मार्च के महीने में सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं। माना जाता है कि खरमास के दौरान सूर्य के रथ की गति धीमी हो जाती है और वे देवगुरु बृहस्पति के घर में होने के कारण अपनी उग्रता त्याग देते हैं। इस समय सौर ऊर्जा का आध्यात्मिक प्रभाव मांगलिक कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। खरमास में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार और नए व्यवसाय की शुरुआत करना शुभ नहीं माना जाता।
