Edited By Sarita Thapa,Updated: 16 Feb, 2026 03:11 PM

हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित होता है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनोरथ चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह चतुर्थी साधक के मन की सभी...
Manorath Chaturthi 2026 : हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि यह दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश को समर्पित होता है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनोरथ चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह चतुर्थी साधक के मन की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाली मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से भगवान गणेश की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं मनोरथ चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Manorath Chaturthi 2026 date and Shubh Muhurat मनोरथ चतुर्थी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में मनोरथ चतुर्थी की प्रारंभ 20 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 38 मिनट पर होगा और इसका समापन 21 फरवरी को दोपहर 01 बजे तक होगा। उदया तिथि के अनुसार, मनोरथ चतुर्थी 2026 21 फरवरी, शनिवार को मनाई जाएगी। शनिवार के दिन पड़ने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है, क्योंकि इस दिन गणेश जी की पूजा करने से शनि दोषों से भी मुक्ति मिलती है।

Significance of Manorath Chaturthi मनोरथ चतुर्थी का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, मनोरथ चतुर्थी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही तमाम बाधाएं दूर हो जाती हैं। इसे अविघ्न व्रत भी कहा जाता है। मान्यता है कि जो भक्त इस दिन पूरी श्रद्धा से बप्पा की आराधना करते हैं, उनके अटके हुए कार्य पूर्ण होते हैं और उनकी जायज मनोकामनाएं सिद्ध होती हैं। फाल्गुन मास में आने वाली यह चतुर्थी मन के विकारों को दूर कर एकाग्रता और मानसिक शांति प्रदान करती है। चूंकि 2026 में यह शनिवार को है, इसलिए इस दिन शमी पत्र गणेश जी को अर्पित करने से कुंडली के ग्रह दोष शांत होते हैं।

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