Weekly Stock Market Prediction : Gold Silver में आगे क्या ?

Edited By Updated: 08 Jun, 2026 03:49 PM

गोल्ड और सिल्वर पे बात करेंगे कि अगले हफ्ते गोल्ड और सिल्वर की पोजीशन क्या रह सकती है। हालांकि शुक्रवार का दिन बहुत जो है वह डिजास्टर रहा। ब्लैक फ्राइडे हो गया। शुक्रवार के दिन बहुत गिरावट देखने को मिली। चांदी 7% टूटी। गोल्ड लगभग 4% के आसपास टूटा और...

Weekly Market Prediction : गोल्ड और सिल्वर पे बात करेंगे कि अगले हफ्ते गोल्ड और सिल्वर की पोजीशन क्या रह सकती है। हालांकि शुक्रवार का दिन बहुत जो है वह डिजास्टर रहा। ब्लैक फ्राइडे हो गया। शुक्रवार के दिन बहुत गिरावट देखने को मिली। चांदी 7% टूटी। गोल्ड लगभग 4% के आसपास टूटा और निवेशक जो है वह ऊपरी स्तरों पर फंसे हुए हैं। क्या सिर्फ गोल्ड सिल्वर टूटे या बाकी एसेट क्लास में भी गिरावट आई है। इकोनॉमिक रीज़ंस क्या है उसकी चर्चा करेंगे। पिछले हफ्ते भी जब हमने इकोनॉमिक इवेंट्स की एक कैलेंडर दिया था उसमें बताया गया था कि यह जो टाइमिंग्स हैं खासतौर पर फ्राइडे की शाम की 6:00 बजे की टाइमिंग है। उसके मुताबिक अपनी पोजीशन का ध्यान रखिए। सबसे पहले तो देखते हैं कि 29 मई को जो क्लोजिंग थी सिल्वर की एमसीएक्स के ऊपर 246 66998 लगभग 67000 थी और यह टूट कर अब बंद हुआ है 5 जून को ₹48537 पे। इसका मतलब यह है कि इसमें 18461 की गिरावट आई है और 7% डाउन रहा है सिल्वर। कॉमिक्स के ऊपर सिल्वर की बात करते हैं तो 29 मई की क्लोजिंग थी 75.87 यानी कि 70.87 और 5 जून की क्लोजिंग है 69.10 यानी कि इसमें भी 6.77 लगभग $.5 की गिरावट आई है और यह जो डॉलर टर्म में गिरावट बनती है वो 9% बनती है और गोल्ड कॉमक्स के ऊपर क्योंकि हमारा मार्केट पहले बंद हो जाता है। यह बाद में बंद हुआ है। बाद में भी यह लगातार गिरता रहा है। गोल्ड कॉमिक्स पे 29 मई को क्लोज पर $4593 हुआ था और 5 जून की जो क्लोजिंग हुई है वह 4365 के ऊपर हुई है। यानी कि $28 की गिरावट गोल्ड में भी आई है। इसने अपने इंपॉर्टेंट लेवल जो टेक्निकल लेवल हैं वो तोड़ दिए हैं। एक बार के लिए और 4.5% जो है वह अभी डाउन बंद हुआ है कॉमक्स के ऊपर। हालांकि हमारा मार्केट बंद हो गया था। उसके बाद भी गोल्ड गिरा है गोल्ड एमसीएक्स के ऊपर क्योंकि इस हफ्ता जो है वह सीरीज चेंज हुई है तो बहुत सारा कंफ्यूजन वाला डाटा रहा है। यह 29 मई को इसकी क्लोजिंग थी 15575 की 1 जून को क्लोजिंग हुई 154252 की फिर 2 जून को ओपनिंग जो हुई वो 159449 पर क्योंकि यहां पर सीरीज चेंज हुई थी। ये 4000 के करीब ऊपर 5000 के करीब ऊपर जो है वो खुली अगली सीरीज अगस्त की सीरीज जो है तो अगस्त की सीरीज में जब 5 जून को डाउन साइड पे आया है। वह 15594 की क्लोजिंग है 5 जून की तो ऊपरी स्तरों से लगभग यह 4000 डाउन आया है। जिस प्राइस पर सीरीज ओपन हुई थी तो वहां से 4000 डाउन है और इसमें अभी और आगे गिरावट आ सकती है क्योंकि हमारे यहां पर बाजार बंद होने के बाद जो है वो वहां पर अभी बाजार आगे भी गिरा है।  

उसके बाद एस्ट्रोलॉजिकली देखते हैं कि क्या आगे क्या बनता है। तो सबसे पहला तो यह था कि यूएस का जॉब डर्ट आया शाम को 6:00 बजे शुक्रवार को। यूएस में 1,72,000 जॉब जो है वो नई बनी मई में। मार्केट एक्सपेक्ट कर रहा था कि 85,000 जॉब की एडिशन होगी। यह ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट थी कि 85,000 के आसपास जॉब नहीं आ सकती हैं। अब जब 85,000 की एक्सपेक्टेशन थी और ₹1,72,000 आ गई तो इसका मतलब यह डबल से भी ज्यादा होगी। तो डबल से ज्यादा है तो अनइंप्लॉयमेंट रेट कह रहा 4.3% डबल से ज्यादा का मतलब यह है कि उसकी इकॉनमी यूएस की बूम कर रही है ग्रो कर रही है जो बार-बार ट्रंप क्लेम कर रहे हैं। अब यूएस की जब इकॉनमी जो है वो ग्रो कर रही है, बढ़ रही है 2.2 की एक्सपेक्टेशन थी। ये 3% के ऊपर अब माना जा रहा है कि 3% जीडीपी हो सकता है। जब इकॉनमी अच्छी ग्रो कर रही है तो आपकी करेंसी यानी कि आपका बॉन्ड यील्ड बढ़ जाता है। बॉन्ड यील्ड में जो है वह 4.53% पे पहुंच गया। 10 ईयर का बॉन्ड ईल्ड जो था। अब यदि एक इन्वेस्टर को बिना किसी रिस्क के 4.5% का बॉन्ड के ऊपर वो मिल रहा है तो वह बाकी एसेट क्लास में से बेचता है। ऐसा ही शुक्रवार को हुआ। डॉलर बाकी जो करेंसीज है उसके मुताबिक उसके अगेंस्ट मजबूत हो गया। डॉलर इंडेक्स जो डॉलर की एक बास्केट है करेंसीज की उसके अगेंस्ट जो डॉलर इंडेक्स है वो शूट अप कर गया 100 के ऊपर तो इसका क्या मतलब हुआ कि डॉलर मजबूत हो गया बॉन्ड यील्ड बढ़ गया। बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण बाकी एसेट्स क्लास हमने देखा कि 1000 पॉइंट टूटा क्रिप्टो में बहुत जबरदस्त गिरावट आई बुलियंस में गिरावट आई और सब जगह सारे एसेट क्लास जो हैं वो टूटते हुए नजर आए कॉपर भी उसमें शामिल था अब ऐसा क्यों हुआ ऐसा पहले कब हुआ है जबजब और और आगे क्या है। आगे का आउटलुक भी थोड़ा सा लेंगे और जो है यूएसपी की जीडीपी जीडीपी पे पहले बात करते हैं कि यूएस की जीडीपी जो है वो अब ज्यादा एक्सपेक्ट की जा रही है कि वह ग्रो करेगी। इसके कारण थोड़ा सा डॉलर में जो है वो तेजी है और आगे भी तेजी इसमें रह सकती है इस फंडामेंटल रीज़न के कारण। आगे बताते हैं कि फंडामेंटल के अलावा आगे इवेंट्स कौन से हैं। इवेंट्स के ऊपर आकर चर्चा करेंगे। एक तो वार है फंडामेंटल उसमें। अभी जब हम यह वीडियो शूट कर रहे हैं, दोनों तरफ से फिर हल्की-फुल्की फायरिंग चल रही है। ईरान की तरफ से भी और इधर भी। इस बीच ये खबर आ रही है कि ईरान जो है वो रेड सी वाला रास्ता ब्लॉक कर सकता है। जहां से सऊदी अरब का तेल जाता है ना जहां पर हौतीज़ के जो वो लड़ाके हैं जिन्होंने हमला किया था सितंबर 2022 में वहां पर रेड सी बंद हो गया था। उस समय क्रूड आपका 120 गया था। तो अभी $120 टच किया था। लेकिन दोबारा वापस आ गया और क्रूड अब नीचे की तरफ जा रहा है। 

एक खबर यह है कि यदि वह ईरान ने वो वाला होतीज़ के समर्थन से वह बंद कर दिया तो अल्टीमेटली चीजें ज्यादा कष्टकारी हो जाएंगी और ये यूएस की इकॉनमी जिस स्टेज पे आप आज खड़ी है उसके लिए ज्यादा कष्टकारी होंगी क्योंकि महंगा क्रूड अल्टीमेटली महंगी बड़ी इनफ्लेशन लेके आएगा उसके लिए उस उससे खतरा हो सकता है। इसीलिए ट्रंप बार-बार ये कोशिश कर रहे हैं कि यह मामला निपट जाए और दोनों तरफ बातचीत जारी है और दोनों तरफ बार-बार यह बोल रहे हैं कोई एक प्रपोजल भेजता है फिर वो दूसरी प्रपोजल भेजता है अल्टीमेटली जो ईरान के फंड फ्रीज हैं उसके ऊपर बात फंसी हुई है। अब किस लेवल पर मानते हैं और ये भी प्रपोजल दे दिया ईरान ने कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को कि वो किसी थर्ड कंट्री के पास अपना एनरिचड यूरेनियम जो है वो भेजने के लिए तैयार है। तो इतने तक तो ईरान मान गया है। अब उसके बदले में वो फंड फ्रीज क्या वो जो किए हुए हैं क्या वो छोड़ता है अमेरिका या नहीं छोड़ता उसके ऊपर अब बातचीत सारी फंसी हुई है। हालांकि अमेरिका की तरफ से एक बार डिनाइल आ चुका है। अब आगे देखते हैं कि ट्रंप उसके ऊपर क्या कॉल लेते हैं वो सारा मामला उसके ऊपर रहेगा। यदि वो हल हो जाता है तो अल्टीमेटली ये ईज़ हो जाएगा। ईज़ होने का मतलब यह है कि इनफ्लेशनरी प्रेशर पूरी दुनिया से कम हो जाएगा। पूरी दुनिया से इनफ्लेशनरी प्रेशर कम होगा तो यूएस से भी इनफ्लेशनरी प्रेशर कम हो जाएगा। लेकिन अगले हफ्ते में 10 जून को सीपीआई डाटा के ऊपर नजर रखना जरूरी है। ये 6:00 बजे आएगा शाम को। अब सीपीआई डाटा के बारे में महंगाई का डाटा होता है। ये क्रॉस कोर प्राइस इंडेक्स है। तो यह जो डाटा है इसके बारे में माना जा रहा है कि यह 3 साल के हाई तक जा सकता है। इनफ्लेशन यदि 3 साल के हाई तक जाता है तो इसके तीनचार जो है वह प्रभाव होंगे। पहला प्रभाव तो यह है कि यदि इनफ्लेशन बहुत ज्यादा हाई साइड पे है तो 16, 17 जुलाई को जून को फेड की मीटिंग है। 

मान लीजिए इनफ्लेशन ज्यादा है, महंगाई ज्यादा है। उसके ऊपर फेड जो है वो हॉकी स्टैंड ले लेता है। यानी कि वो कहता है कि मुझे इंटरेस्ट रेट आगे कम नहीं करने बल्कि मैं बढ़ाने की बात कर रहा हूं। यदि वह यह नहीं करता। पहले यह माना जा रहा था कि साल में दो बार इंटरेस्ट रेट कट होगा। लेकिन अब बढ़ती हुई महंगाई को देखकर फेड का यह कंसर्न हो सकता है कि इंटरेस्ट रेट चलो खैर नहीं बढ़ाते कम नहीं करते लेकिन आगे बढ़ा देंगे तो ऐसी स्थिति में क्या होता है ऐसी स्थिति में आपका डॉलर इंडेक्स बढ़ जाता है और दूसरी स्थिति यह है कि महंगाई भी ज्यादा है ग्रोथ भी है प्रॉपर जॉब भी बन रही है जैसे अभी हो रहा है तो वैसी स्थिति में भी डॉलर बढ़ जाता है तीसरी स्थिति यह है कि महंगाई ज्यादा है लेकिन ग्रोथ और जॉब्स कॉम्प्रोमाइज हो रही हैं तो ऐसी स्थिति में डॉलर इंडेक्स गिर जाता है क्योंकि आपकी इकॉनमी वीक है। आपकी इकॉनमी में इन्वेस्टर का इंटरेस्ट नहीं है। आपके करेंसी में इन्वेस्टर का इंटरेस्ट नहीं है। तो ये एक स्थिति जो हम एक्सपेक्ट कर रहे हैं या जो हो सकता है यदि जीडीपी उसका आउटलुक फेड का डाउन आता है या एंप्लॉयमेंट डाउन आती है अगले महीने में और आपका इनफ्लेशन हाई साइड पे रहता है तो ऐसी स्थिति में डॉलर इंडेक्स नीचे आ सकता है। सबसे ज्यादा इंपॉर्टेंट चीज जो है वो 10 जून का सीपीआई का डाटा रहेगा। शाम को 6:00 बजे जो आएगा उसके ऊपर नजर रखना जरूरी है। 11 जून को पीपीआई का डाटा आएगा लगभग इसी समय पे आएगा और अनइंप्लॉयमेंट क्लेम का भी डाटा आएगा। तो ये दो चीजें हम अगले हफ्ते नजर रखेंगे। डॉलर इंडेक्स के ऊपर नजर रखना बड़ा जरूरी है क्योंकि सारा कुछ यहीं से मूव होगा। हालांकि इस समय जहां पर पहुंचा हुआ है लगभग 100.10 के आसपास बंद हुआ है डॉलर इंडेक्स और इसी लेवल के ऊपर लगातार वो रेजिस्ट करता है। लगभग यहां से 40 पॉइंट ऊपर रेजिस्ट करता है। 

इसके लिए चार्ट के ऊपर वहां पर रेजिस्टेंस पॉइंट बन रहा है। वह यदि डॉलर इंडेक्स थोड़ा सा कूल होता है तो अल्टीमेटली बुलियंस निकल जाएगा। यह तो फंडामेंटल्स हैं। अब एस्ट्रो क्या कहता है? एस्ट्रो में पिछले हफ्ते हमने एनालाइज़ किया था कि गुरु कर्क राशि में आ गए हैं तो कर्क राशि का गुरु नॉर्मली अच्छा होता है। पिछली बार 18 अक्टूबर को पिछले साल ही जब आए थे गुरु कर्क राशि में तो उन्होंने आते ही गोल्ड सिल्वर में एक करेक्शन दे दी थी। पहले दिन ही करेक्शन हो गया था। लेकिन इस बार जो करेक्शन हुआ वो हुआ गुरु कर्क राशि में आए। बुध राहु के नक्षत्र में शुक्र का सबलोड भी केतु हो गया 5 जून अह शाम को। तो, यह एक फैक्टर था एस्ट्रोलॉजिकली जिसके कारण बाजार शुक्रवार को डाउन आया। हालांकि जो हमने वीडियो दिया था पिछले हफ्ते उसमें भी बताया गया था कि जो चंद्रमा का नक्षत्र है 5 जून को उस दिन बाजार डाउन है। डाउन लग रहा है। तो खैर यह बोला गया था। हालांकि लग रहा था कि टोटल वीक जो है वह क्लोजिंग ऊपर साइड बंद करेगा लेकिन अल्टीमेटली उसने नीचे साइड बंद की है। 

जो इंपॉर्टेंट इवेंट होने जा रहा है 8 जून को पहली बात तो यह है कि  सुबह मॉर्निंग के आसपास चंद्रमा का नक्षत्र चेंज होगा। लगभग 9:39 या 9:9 मिनट का समय है। वो बड़ा इंपॉर्टेंट टाइम साइकिल है। इसलिए जो भी ट्रेड करते हैं इंट्राडे के लिए करते हैं कुछ करते हैं तो वो इस मार्केट की ओपनिंग का वेट करें। क्योंकि अल्टीमेटली जब यूएस खुलेगा तब तक हमारा बाजार या हमारे स्टार्स या हमारे एस्ट्रो जो है वो बुलियंस को फेवर नहीं करते। 3:30 बजे का समय के आसपास। लेकिन 8 जून को 1:39 पे सूर्य मृगषा नक्षत्र में मंगल के नक्षत्र में एंटर करेंगे। तो 8 जून 139 के बाद बाजार में पॉजिटिविटी नजर आनी चाहिए। सूर्य का मृग नक्षत्र में आना बाजार के लिए पॉजिटिव होता है। 8 जून को ही शाम को 5:47 पे वीनस कैंसर में आ जाएंगे। यह अगेन एक पॉजिटिव साइन है क्योंकि कैंसर जल तत्व की राशि है। चांदी की प्रतिनिधि राशि है। यहां पर गुरु और शुक्र की युति अल्टीमेटली बाजार में रिकवरी शुरू करवा सकती है। ऐसा पहले भी हो चुका है। जब जल तत्व की राशि में गुरु होते हैं। चाहे आप 17980 में चले जाइए, चाहे 2000, 2011 में चले जाइए। हिस्टोरिकल डाटा सर्च करके यह आउटलुक जो बनता है कि जज-जब गुरु जल तत्व की राशि में होते हैं। गोल्ड सिल्वर में तेजी आती है। खासतौर पर कैंसर में और आपका मीन में। तो यहां पर जो चीजें बन रही हैं इस एस्ट्रो के हिसाब से चीजें पॉजिटिव लग रही हैं। अभी भी 10 जून को 1:26 पर जुपिटर कैंसर का कंजक्शन हो जाएगा 0° का। तो यानी कि 9 जून को जो रात की पोजीशन होगी 1:26 रात को मीन 10 जून सुबह जब मिडनाइट बोलते हैं ना इसको वो उस समय ये कंजक्शन होगी। ये बिल्कुल दोनों ग्रह 0° पे आ जाएंगे। तो पॉसिबल है कि हमारा बाजार बंद होने के बाद 9 जून रात्रि को वहां पर कुछ ना कुछ बड़ा हो जाए। है अमेरिका में। यह बड़ी अनाउंसमेंट भी हो सकती है ट्रंप की तरफ से। यह कुछ फेड की तरफ से भी कोई स्टेटमेंट आ सकता है। कुछ भी हो सकता है। यहां पर पोजीशन 9 जून को रात को कैरी करना थोड़ा सा रिस्की हो सकता है। हो सकता है 10 जून को मॉर्निंग में जो है वो वीक साइड खोल दें। 10 जून को ही 200 11:06 पे मरकरी सैटर्न का स्क्वायर होगा 90° का।

ये स्क्वायर जो है मरकरी क्योंकि ट्रेड के कारक हैं राहु के नक्षत्र में चल रहे हैं तो यहां पर हो सकता है कि कुछ ना कुछ जो है वो आपको हलचल देखने को मिले। यह भी सुबह हो रहा है। मींस एक रात को इवेंट हो रहा है एक सुबह हो रहा है। यानी कि 10 जून का दिन सेंसिटिव है और 10 जून वो दिन है जब आपका इनफ्लेशन का डाटा आना है। इसलिए नौ की रात की पोजीशन कैरी करना हो सकता है कि थोड़ा सा डिस्टर्ब करने वाला हो। और 11 जून को सुबह 11:30 मरकरी एंटर करेंगे पुनर्वसु नक्षत्र में। यह नेगेटिव है। यह बुलेंस के लिए नेगेटिव है। और इसी दिन पीपीआई का डाटा भी आएगा शाम को। ये इस डाटा के ऊपर ध्यान रखना बड़ा जरूरी है क्योंकि अब बहुत सारी चीजें जो है वो अमेरिका की इकॉनमी के साथ और डॉलर इंडेक्स के साथ जुड़ गई हैं। बुलियन सारा उसी के लिहाज से मूव करेगा। इसलिए उसके ऊपर नजर रखना बहुत जरूरी है। तो नेप्च्यून जो है वह एंटर करेंगे उत्तर भाद्रपद का पद नक्षत्र चेंज करेंगे 11 जून को ही 1:19 पे और 11 जून को 2:11 पे वीनस करेंगे पुष्य नक्षत्र में एंटर। यह 11 जून की पुष्य नक्षत्र में शुक्र की एंट्री पॉजिटिव है बाजार के लिए। यह बहुत अच्छा है। यहां से बाजार में रिकवरी भी शुरू हो सकती है। मान लीजिए 10 जून को गिरावट आती है तो फिर इस टाइम के बाद रिकवरी हम जो है वह उम्मीद कर सकते हैं। 9:09 पर पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में आएंगे। यह वीक है अह यहां पर जो चंद्रमा है और सुबह 9:09 पे 8 जून का मंडे का दिन है। जो मैं आपको 9 9:39 का समय बता रहा था। यह एक्चुअल में 9:09 का समय है। तो, यहां पर अह पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में आना चंद्रमा का यह वीक सिग्नल देता है। 9 जून को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में आएंगे। 9:39 पे यह भी वीक सिग्नल देता है। 10 जून को अह 9:21 पे रेवती में आएंगे। यह भी वीक है और 11 जून को अश्विनी में आएंगे। यह भी वीक है। 12 जून को फ्राइडे है। यहां पर भरनी नक्षत्र में आएंगे। यानी कि चंद्रमा की मूवमेंट जो है वह अल्टीमेटली पूरा हफ्ता बाजार के लिए वीक बताती है। यह जो वीकनेस और स्ट्रेंथ मैं आपको बता रहा हूं यह मून की मूवमेंट शास्त्र में जो दिया गया है उसके मुताबिक दिया गया है। क्योंकि शास्त्र में सब कुछ दिया हुआ है। 

किस राशि से चंद्रमा मूव करेगा तो स्ट्रेंथ देगा। किस नक्षत्र से मूव करेगा तो स्ट्रेंथ देगा। अगला हफ्ता चंद्रमा जिन नक्षत्रों में मूव कर रहा है वो वीकनेस दिखाता है। हालांकि जो कम कॉम्बिनेशन बनेगा जो कंजक्शन बनेगा गुरु और शुक्र का या जो मंगल का सूर्य का मंगल के नक्षत्र में है वो थोड़ा सा पॉजिटिव है। लेकिन इसके बावजूद अगला हफ्ता हमें वोलेटाइल नजर आ सकता है। निचले लेवल से हमें रिकवरी भी देखने को मिल सकती है। बहुत सारी चीजों के ऊपर हमें ध्यान अगले हफ्ते रखना पड़ेगा। सिर्फ एस्ट्रोलॉजी को मत देखिए। साथ में अपना चार्ट देखिए। जरूर सामने जरूर रहिए। अपडेट रहिए क्योंकि यूएसए आने वाली हर खबर के ऊपर रिएक्शन होता है। ट्रंप के बयान के ऊपर रिएक्शन हो रहा है। कोई फेड का डाटा आता है उसके ऊपर रिएक्शन हो रहा है। महंगाई का डाटा आता है उसके ऊपर रिएक्शन हो रहा है। फेड के किसी मेंबर का स्टेटमेंट आता है उसके ऊपर बाजार रिएक्ट कर रहा है। तो बहुत सारी चीजें हैं और क्रूड यदि ऊपर नीचे जाता है तो उसके ऊपर रिएक्शन हो रहा है। एस्ट्रोलॉजी को जरूर देखिए। लेकिन साथ में फंडामेंटल्स और जो चीज़ें न्यूज़ फ्लो चल रहा है उसके ऊपर जरूर नज़र रखिए। तो मोटा-मोटा देखा जा  सकता है कि अगला हफ्ता बाजार जो है वह वोलेटाइल ही रहेगा। हो सकता है कि थोड़ा सा पॉजिटिव हो। लेकिन अभी फिलहाल आज की डेट में जो स्थिति बन रही है डॉलर इंडेक्स को देखकर वो वोलेटिलिटी वाली ज्यादा बन रही है। इसलिए अपनी पोजीशन को जरूर ध्यान में रखिए। नेक्ड पोजीशन में लगता है काम यहां पर नहीं करना चाहिए। 

नरेश कुमार
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