Edited By Prachi Sharma,Updated: 02 Mar, 2026 02:35 PM

World War 3 Predictions : वेद व्यास जी के अनुसार जब 2 ग्रहण एक साथ लगते हैं तो भयंकर युद्ध की स्थिति बन जाती है। महाभारत काल में भी ऐसा समय आया था जिस वजह से युद्ध का सामना करना पड़ा।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
World War 3 Predictions : वेद व्यास जी के अनुसार जब 2 ग्रहण एक साथ लगते हैं तो भयंकर युद्ध की स्थिति बन जाती है। महाभारत काल में भी ऐसा समय आया था जिस वजह से युद्ध का सामना करना पड़ा।
एस्ट्रोलॉजर साधन गुलाटी के अनुसार इस वक्त दुनिया भर में बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी चेतावनी सामने आई है। यह युद्ध अभी नहीं ख़त्म होगा, यह समय 2 अप्रैल तक के लिए और गंभीर संकेत दे रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवधि में वैश्विक हालात और बिगड़ सकते हैं और भारत भी सीधे तौर पर एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय लड़ाई का हिस्सा बन सकता है। इस संभावित संघर्ष में जिन बड़े देशों के शामिल होने की आशंका जताई गई है, उनमें शामिल हैं- यूनाइटेड स्टेट्स, चीन, पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, ईरान, इज़राइल, और कई यूरोपीय देश। इस दौरान भारत पूरी तरह रेड अलर्ट पर रह सकता है और हालात ऐसे हो सकते हैं कि वह इस संघर्ष के प्रभाव से बच न सके। 2 से अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच का समय चीन और रूस के लिए बहुत ही बड़ा भूकंप लेकर आएगा। मार्च के महीने में दिल्ली पूरा अलर्ट मोड पर रहेगा ।
इन घटनाओं के पीछे खास ज्योतिषीय कारण बताए जा रहे हैं। कहा गया है कि यह वर्ष काल भैरव द्वारा शासित है, जो भगवान शिव का एक उग्र रूप माने जाते हैं। साथ ही राहु का प्रभाव, जिसे उथल-पुथल और अस्थिरता से जोड़ा जाता है, परिस्थितियों को और जटिल बना सकता है। विक्रम संवत कैलेंडर के इस वर्ष को भी बढ़ती चुनौतियों से जुड़ा बताया गया है।
इन खतरों से बचाव के लिए स्पीकर विशेष रूप से काल भैरव की पूजा करें। इसके साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों और प्रार्थनाओं की संख्या बढ़ाने और वैश्विक शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना करने का आह्वान किया गया है।