Edited By Niyati Bhandari,Updated: 27 Feb, 2026 02:49 PM
Astrological Prediction March 2026: एस्ट्रो साइकल के लिहाज से मार्च का महीना सभी राशियों के जातकों के लिए काफी अहम महीना रहने वाला है। 1 मार्च को कुंभ राशि में सूर्य और राहु का गोचर शतभिषा नक्षत्र में हो रहा है। शतभिषा नक्षत्र का संबंध हीलिंग रहस्य,...
Astrological Prediction March 2026: एस्ट्रो साइकल के लिहाज से मार्च का महीना सभी राशियों के जातकों के लिए काफी अहम महीना रहने वाला है। 1 मार्च को कुंभ राशि में सूर्य और राहु का गोचर शतभिषा नक्षत्र में हो रहा है। शतभिषा नक्षत्र का संबंध हीलिंग रहस्य, तकनीक, अचानक खुलासों और कर्मिक कनेक्शन से होता है। बुध और शुक्र भी इसी राशि में गुरु के पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं और मंगल अपने ही घनिष्ठा नक्षत्र में हैं। 2 मार्च को शुक्र राशि परिवर्तन कर के मीन राशि में गोचर करेंगे और उच्च के हो जाएंगे जबकि 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण भी हम सबको किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा। मार्च माह में ही शुक्र 25 मार्च को दूसरी बार राशि बदलेंगे। जबकि 11 मार्च को गुरु मिथुन राशि में मार्गी मार्च को सूर्य मीन राशि में गोचर करेंगे। वैश्विक स्तर पर यह अवधि राजनीतिक अस्थिरता, अचानक नीतिगत बदलाव, साइबर सुरक्षा चिंताओं और छिपी जानकारी के उजागर होने जैसी घटनाएं ट्रिगर कर सकती हैं। विभिन्न लगन के जातकों पर इसका निम्न प्रभाव देखने को मिलेगा।
मेष
मेष लग्न के जातकों के लिए लाभ, नेटवर्क और महत्वाकांक्षा का 11वां भाव एक्टिव हो रहा है। मंगल–राहु का संयोजन तेजी से आगे बढ़ने, बड़े लक्ष्य हासिल करने और सामाजिक प्रभाव बढ़ाने की तीव्र इच्छा पैदा करेगा। आप बड़े संगठनों या डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रभावशाली लोगों से जुड़ सकते हैं। अचानक आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन मित्र मंडली या प्रोफेशनल समूहों में प्रतिस्पर्धा भी बढ़ सकती है। सट्टा निवेश में सावधानी रखें।
वृषभ
वृषभ लग्न के जातकों के लिए करियर और सार्वजनिक छवि का 10वां भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु का संयोजन प्रोफेशनल जीवन में अचानक दबाव ला सकता है।कार्यस्थल पर वरिष्ठों से टकराव, अहं संघर्ष या अप्रत्याशित विवाद हो सकते हैं। खुद को साबित करने की जल्दबाजी आपकी प्रोफेशनल इमेज को प्रभावित कर सकती है। बॉस से गलतफहमी, गलत ईमेल, डॉक्यूमेंटेशन त्रुटि या निर्देशों की गलत व्याख्या तनाव बढ़ा सकती है।
मिथुन
मार्च में मिथुन लग्न के जातकों का उच्च ज्ञान, विश्वास प्रणाली, लंबी यात्रा और भविष्य दृष्टि 9वां भाव एक्टिव रहेगा ।आप अपने विचारों की जोरदार रक्षा करना चाहेंगे लेकिन जिद अनावश्यक विवाद पैदा कर सकती है। यात्रा योजनाएं अचानक तनावपूर्ण हो सकती हैं। 11 से 20 मार्च के बीच वक्री बुध के आने पर दस्तावेज़, कानूनी कागज, वीज़ा या उच्च शिक्षा मामलों में अतिरिक्त सावधानी रखें। गलतफहमी या ओवर कॉन्फिडेंस अस्थायी रुकावट दे सकता है।
कर्क
कर्क लग्न के जातकों के लिए मार्च में संयुक्त वित्त, साझा संसाधन, भावनात्मक गहराई और छिपे परिवर्तन से जुदा 8वां भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु अचानक खर्च, वित्तीय दबाव या तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रियाएं ला सकता है। लोन, टैक्स, विरासत या साझा निवेश मामलों पर तत्काल ध्यान देना पड़ सकता है। वक्री बुध के कारण वित्तीय निर्णयों में अत्यधिक सावधानी रखें। ऊर्जा को हीलिंग, रिसर्च, साधना या आत्मचिंतन में लगाएं।
सिंह
सिंह लगन के जातकों के लिए विवाह, साझेदारी और सार्वजनिक व्यवहार से जुड़ा 7वां भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु रिश्तों में गर्मी बढ़ाएगा। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर से अहं टकराव या अचानक विवाद संभव है। खुद को सही साबित करने की तीव्र इच्छा रहेगी। बुध के वक्री रहने पर संवाद सबसे संवेदनशील बिंदु होगा।पुराने मुद्दे फिर उठ सकते हैं। बिजनेस डील में दस्तावेज़ सावधानी से देखें। यह साझेदारी की कर्मिक परीक्षा है। बहस जीतना नहीं, परिपक्वता दिखाना जरूरी है।
कन्या
कन्या लगन के जातकों के लिए स्वास्थ्य, दिनचर्या, प्रतिस्पर्धा और कार्यस्थल से जुड़ा छठा भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु तनाव, काम का दबाव और ऑफिस प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकता है। सहकर्मियों से अचानक विवाद संभव है। शारीरिक रूप से सूजन, एसिडिटी, सिरदर्द या नर्वस थकान हो सकती है। ईमेल में भ्रम, काम के बंटवारे में गड़बड़ी या डॉक्यूमेंट त्रुटि तनाव दे सकती है। आवेग में प्रतिक्रिया न दें, महत्वपूर्ण संचार दोबारा जांचें। संतुलित आहार और पर्याप्त नींद प्राथमिकता बनाएं।
तुला
तुला लग्न के लिए प्रेम, रचनात्मकता, आत्म अभिव्यक्ति से जुड़ा 5वां भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु प्रेम जीवन को जुनूनी लेकिन अनिश्चित बना सकता है। अचानक आकर्षण, आवेगी प्रेम निर्णय या भावनात्मक नाटक संभव है। डिजिटल या अपरंपरागत क्षेत्रों से रचनात्मक विचार आ सकते हैं, लेकिन अधीरता स्थिरता बिगाड़ सकती है। वक्री बुध के चलते पार्टनर से गलतफहमी, मिश्रित संकेत या मैसेज का ओवर एनालिसिस तनाव देगा।
वृश्चिक
वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए घर, परिवार, संपत्ति और भावनात्मक आधार से जुड़ा चौथा भाव एक्टिव रहेगा और शतभिषा में मंगल–राहु घरेलू अस्थिरता ला सकता है। घर में बहस, परिवार से मतभेद या संपत्ति से जुड़ी चिंता संभव है। भीतर बेचैनी महसूस हो सकती है। 20 मार्च तक वक्री बुध पुराने पारिवारिक मुद्दे फिर उठा सकता है। संपत्ति या घर से जुड़े दस्तावेज़ सावधानी से देखें। यह संवेदनशील भावनात्मक समय है। कठोर शब्दों से बचें और धैर्य रखें।
धनु
धनु लगन के जातकों के लिए मार्च में संचार, साहस, भाई-बहन, छोटी यात्राओं और निर्णय से जुड़ा तीसरा भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु आपकी वाणी को तेज और प्रतिक्रियात्मक बना सकता है। भाई-बहन या पड़ोसियों से विवाद संभव है। अचानक यात्राएं बढ़ सकती हैं। 20 मार्च तक वक्री बुध से संचार अत्यंत संवेदनशील होगा। संदेशों की गलत व्याख्या, सोशल मीडिया बहस या यात्रा दस्तावेज़ में त्रुटि संभव है। यात्रा में देरी या बदलाव हो सकता है। भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचना चाहिए।
मकर
मकर लगन के जातकों के लिए मार्च महीने में धन, बचत, वाणी और पारिवारिक मूल्य से जुड़ा दूसरा भाव एक्टिव रहेगा। इस दौरान शतभिषा में मंगल–राहु तेजी से पैसा बढ़ाने की आक्रामक इच्छा दे सकता है। वाणी तीखी हो सकती है जिससे परिवार में तनाव बढ़ सकता है। 20 मार्च तक वक्री बुध से वित्तीय दस्तावेज़, निवेश और बातचीत में अतिरिक्त सावधानी रखें। जोखिम भरे निर्णय टालें। खर्च में अनुशासन रखें, सोच-समझ कर बोलें और संरचित विकास पर ध्यान दें।
कुंभ
कुंभ लगन के जातकों के लिए मार्च का महीना वर्ष के सबसे शक्तिशाली लेकिन अस्थिर चरणों में से एक है क्योंकि तीव्र ऊर्जा इस लगन के जातकों के प्रथम भाव को एक्टिव कर रही है। शतभिषा में मंगल–राहु महत्वाकांक्षा और सीमाएं तोड़ने की इच्छा बढ़ाएगा लेकिन साथ ही बेचैनी और टकराव भी ला सकता है। 20 मार्च तक वक्री बुध से पहचान भ्रम या सार्वजनिक गलतफहमी हो सकती है। जमीन से जुड़े रहें, क्रोध नियंत्रित करें और अनावश्यक विवाद से बचें।
मीन
मीन लगन के जातकों के लिए मार्च के महीने के दौरान अवचेतन मन, एकांत, छिपे मामले और आध्यात्मिक विकास और खर्चे से जुड़ा 12वां भाव एक्टिव रहेगा। शतभिषा में मंगल–राहु छिपे डर, दबे भाव या चिंता सतह पर ला सकता है। गुप्त विरोधी सक्रिय दिख सकते हैं। नींद की समस्या या मानसिक थकान को नजरअंदाज न करें। 20 मार्च तक वक्री बुध से ओवरथिंकिंग बढ़ सकती है। भ्रम या अनावश्यक चिंता भावनात्मक असंतुलन दे सकती है। इस अवधि में डर के आधार पर बड़े निर्णय न लें।
गौरी जैन
ज्योतिष और वास्तु सलाहकार