Edited By Tanuja,Updated: 02 Mar, 2026 02:34 PM

ईरान-अमेरिका जंग के तीसरे दिन कुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरने और दूतावास पर हमले की खबरों से तनाव चरम पर है। ईरान ने 550 से अधिक मौतों का दावा किया, जबकि अली लारीजानी ने ट्रंप से किसी भी बातचीत से इनकार किया। खाड़ी में सायरन और धमाके जारी हैं।
International Desk: मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। कुवैत में अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिरने और अमेरिकी दूतावास के पास धमाकों की खबरों के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा।खाड़ी देशों कुवैत, बहरीन, कतर, यूएई में लगातार सायरन और ड्रोन रोधी कार्रवाई जारी है। ब्रिटेन के साइप्रस स्थित RAF बेस को भी स्थानांतरित करने की तैयारी की खबर है।ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव Ali Larijani ने अमेरिकी मीडिया की उन खबरों को खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि तेहरान फिर से परमाणु वार्ता शुरू करना चाहता है। उन्होंने दो टूक कहा “ईरान अमेरिका से बातचीत नहीं करेगा।”
कुवैत में US दूतावास पर खतरा
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत सिटी में स्थित अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमले हुए और धुआं उठता देखा गया। कुवैत ने दावा किया है कि कई अमेरिकी विमान देश में गिर गए। ईरान समर्थित हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में अलर्ट जारी है। बहरीन में एक विदेशी जहाज पर गिरे मलबे से आग लगी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और दो गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
ईरान में 550 से ज्यादा मौतों का दावा
ईरान ने आरोप लगाया है कि संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमलों में 550 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें सर्वोच्च नेता Ali Khamenei भी शामिल हैं। ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार, अब तक 131 शहर इन हमलों से प्रभावित हुए हैं और एक लाख से अधिक राहतकर्मी अलर्ट पर हैं। उधर, लेबनान में Hezbollah और इजरायल के बीच हमले दोबारा तेज हो गए। लेबनान में 31 लोगों की मौत और 149 के घायल होने की खबर है। इजरायल के कई शहरों में सायरन बजे और लोग बंकरों में भागते दिखे।
US का वैश्विक अलर्ट व चीन की अपील
अमेरिका ने ईरान और इराक के लिए Level 4: Do Not Travel चेतावनी जारी की है। विदेश विभाग ने दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। China ने सभी पक्षों से सैन्य कार्रवाई रोकने और संयम बरतने की अपील की है, ताकि हालात और न बिगड़ें। मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि यह संघर्ष अब पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले चुका है, जहां कूटनीति लगभग ठप और सैन्य कार्रवाई चरम पर है।