Edited By Tanuja,Updated: 02 Mar, 2026 11:46 AM

पाकिस्तान में हिंसक प्रदर्शनों और कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर हमले के बाद अमेरिका ने सख्त सुरक्षा कदम उठाए हैं। US Embassy in Islamabad और कराची-लाहौर स्थित दूतावासों ने 2 मार्च को सभी वीज़ा व नागरिक सेवाएं रद्द कर दीं। अमेरिकी नागरिकों को हाई...
Washington: पाकिस्तान में हालिया हिंसक घटनाओं के बाद अमेरिका ने अपनी राजनयिक मौजूदगी को लेकर एहतियाती रुख अपना लिया है। US Embassy in Islamabad ने घोषणा की कि 2 मार्च को इस्लामाबाद स्थित दूतावास और कराची व लाहौर के वाणिज्य दूतावासों में सभी वीज़ा अपॉइंटमेंट और अमेरिकी नागरिक सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। यह फैसला उस समय लिया गया जब कराची में उग्र भीड़ ने अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हिंसा की और सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ते नजर आए।
अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी
- दूतावास ने अपने सुरक्षा अलर्ट में अमेरिकी नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं ।
- बड़ी भीड़ और विरोध प्रदर्शनों से दूर रहें।
- अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा योजना की समीक्षा करें।
- लो-प्रोफाइल रखें और पहचान पत्र साथ रखें।
- स्थानीय मीडिया से अपडेट लेते रहें।
- Smart Traveler Enrollment Program (STEP) में रजिस्ट्रेशन अपडेट रखें।
- साथ ही अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को अगली सूचना तक अपनी आवाजाही सीमित रखने को कहा गया है।
बता दें कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की कथित रूप से इजरायल-अमेरिका हमले में मौत के बाद पाकिस्तान में हालात बेकाबू हो गए। कराची में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला बोल दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में युवकों को मुख्य इमारत की खिड़कियां तोड़ते देखा गया, जबकि परिसर के ऊपर अमेरिकी झंडा लहराता दिखा। पुलिस ने पहले लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन बाद में हालात हिंसक हो गए। हिंसा में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है और 120 से अधिक घायल हैं। कई शवों पर गोली लगने के निशान पाए गए। कराची के सिविल अस्पतालों में मृतकों और घायलों को पहुंचाया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल सुरक्षा उपाय नहीं बल्कि एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश भी है कि अमेरिका अपने नागरिकों और राजनयिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।हालांकि यह सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित की गई हैं, लेकिन इससे पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों पर मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक असर पड़ सकता है।