Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Mar, 2026 04:19 PM

Yamuna Chhath Rules 2026: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मनाई जाने वाली यमुना छठ या यमुना जयंती इस वर्ष 24 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन देवी यमुना के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां माता कात्यायनी की पूजा के साथ-साथ यमुना जी की...
Yamuna Chhath Rules 2026: चैत्र नवरात्रि के छठे दिन मनाई जाने वाली यमुना छठ या यमुना जयंती इस वर्ष 24 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन देवी यमुना के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां माता कात्यायनी की पूजा के साथ-साथ यमुना जी की आराधना भी की जाती है। विशेष रूप से मथुरा और वृंदावन में इस पर्व की अलग ही धूम देखने को मिलती है।

कब है यमुना जयंती 2026?
तारीख: 24 मार्च 2026 (मंगलवार)
षष्ठी तिथि प्रारंभ: 23 मार्च शाम 06:38 बजे
षष्ठी तिथि समाप्त: 24 मार्च शाम 04:07 बजे
उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 24 मार्च को ही मनाया जाएगा।

यमुना छठ पर भूलकर भी न करें ये गलतियां
नदी में गंदगी फैलाना
देवी यमुना को पवित्र माना जाता है। इस दिन नदी में कूड़ा-कचरा या प्लास्टिक डालना अशुभ और पाप माना जाता है।
बिना स्नान के पूजा करना
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा से पहले स्नान करना अनिवार्य है। बिना स्नान किए पूजा करने से पूर्ण फल नहीं मिलता।
गंदे या काले वस्त्र पहनना
इस दिन पीले या साफ-सुथरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। काले या गंदे कपड़े नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं।
तामसिक भोजन का सेवन
मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन से इस दिन दूर रहना चाहिए। सात्विक आहार ही ग्रहण करें।

यमुना छठ का धार्मिक महत्व
यमुना जयंती का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। देवी यमुना को सूर्य देव की पुत्री और यमराज की बहन माना जाता है।
भगवान कृष्ण से उनका गहरा संबंध है। मान्यता है कि इस दिन यमुना स्नान से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

कैसे मनाएं यमुना जयंती?
सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
यमुना जी और भगवान कृष्ण की पूजा करें।
भोग में मिश्री, मक्खन और मिठाई अर्पित करें।
शाम को आरती और भजन-कीर्तन करें।
Yamuna Jayanti 2026 केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस दिन सही विधि से पूजा करने और गलतियों से बचने से देवी यमुना की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
