Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 Oct, 2026 08:04 AM

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता में सितम्बर में कुछ जगहों पर गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई जगहों पर पिछले महीने की तुलना में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर काफी कम हो गया।
नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के अनुसार यमुना नदी के पानी की गुणवत्ता में सितम्बर में कुछ जगहों पर गिरावट दर्ज की गई, जबकि कई जगहों पर पिछले महीने की तुलना में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर काफी कम हो गया। इस बीच बीओडी का स्तर सितम्बर के लिए तय सीमा से काफी ऊपर बना रहा।
दिल्ली में यमुना पल्ला से प्रवेश करती है और जैतपुर से बाहर निकलती है। डीपीसीसी पल्ला, वजीराबाद, आईएसबीटी ब्रिज, आईटीओ ब्रिज, निजामुद्दीन ब्रिज, ओखला बैराज और असगरपुर में पानी के नमूने लेकर प्रदूषण के स्तर का पता लगाती है। जिसमें तीन जगहों में गिरावट देखी गई, दो जगहों पर थोड़ा सुधार हुआ, जबकि दो अन्य जगहों पर अगस्त के डेटा की तुलना में कोई बदलाव नहीं हुआ।
सितम्बर की रिपोर्ट में पल्ला में सुधार दिखा, क्योंकि फेकल कोलीफॉर्म का स्तर अगस्त में 1400 एमपीएन/100 एमएल की तुलना में घटकर 1100 एमपीएन/100 एमएल हो गया। ओखला बैराज पर भी सुधार दिखा, जहां सितम्बर में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर 21,000 (एमपीएन/100 एमएल) रहा, जो अगस्त के 23,000 के स्तर से बेहतर है। जिन तीन जगहों पर पानी की गुणवत्ता खराब हुई, उसमें वजीराबाद में अगस्त में फेकल कोलीफॉर्म का स्तर 1,100 एमपीएन/100 एमएल था जो सितम्बर में बढ़कर 1,300 एमपीएन/100 एमएल हो गया।
निजामुद्दीन ब्रिज में यह स्तर 13,000 एमपीएन/100 एमएल से बढ़कर 15,000 एमपीएन/100 एमएल हो गया और असगरपुर में अगस्त में यमुना का स्तर 36,000 एमपीएन/100 एमएल था जो सितम्बर में बढ़कर 38,000 एमपीएन/100 एमएल हो गया। दो जगहों पर स्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ। सितम्बर में कुछ जगहों पर बीओडी का स्तर तय सीमा से ज्यादा रहा।
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