Edited By Mansi,Updated: 17 Apr, 2026 10:41 AM

यहां पढ़ें कैसी है अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत बंगला
फिल्म: भूत बंगला (Bhooth Bangla)
कलाकार: अक्षय कुमार (Akshay Kumar),तब्बू (Tabu), परेश रावल (Paresh Rawal), राजपाल यादव (Rajpal Yadav), वामिका गब्बी (vamika gabbi)
निर्देशक: प्रियदर्शन (Priyadarshan)
रेटिंग: 3.5 स्टार
Bhooth Bangla: करीब 14 साल के लंबे इंतजार के बाद निर्देशक प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की हिट जोड़ी ने एक बार फिर फिल्म भूत बंगला के साथ वापसी की है। यह फिल्म हॉरर और कॉमेडी का ऐसा मिश्रण पेश करती है, जो दर्शकों को एक साथ डराने और गुदगुदाती है। फिल्म में कई अनुभवी कलाकार हैं जिनमें परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव शामिल हैं। आइए जानते हैं कैसी है फिल्म भूत बंगला।
कहानी
फिल्म की कहानी एक रहस्यमयी गांव और वहां स्थित एक पुराने बंगले के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका अतीत बेहद खौफनाक है। शुरुआत में कहानी नई दुल्हनों को निशाना बनाने वाले रहस्य से पर्दा उठाती है, अक्षय कुमार जो अर्जुन आचार्य के किरादर निभा रहे हैं वो वहां आते हैं अपनी बहन की शादी के लिए लेकिन वधुसुर नाम के राक्षस की कहानी का पता चलता है। जैसे-जैसे फिल्म आगे बढ़ती है, इसकी परतें खुलती जाती हैं। पहले हाफ में हल्की-फुल्की कॉमेडी का तड़का है, जबकि दूसरे हाफ में कहानी का गहरा और इमोशनल पक्ष सामने आता है।

अभिनय
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत अक्षय कुमार हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग पहले की तरह सटीक है, लेकिन इस बार उन्होंने इमोशनल और सीरियस सीन्स में भी अच्छी पकड़ दिखाई है। डर और हंसी के बीच उनका सहज ट्रांजिशन फिल्म को खास बनाता है।
परेश रावल और राजपाल यादव की जोड़ी फिल्म में जबरदस्त कॉमिक एनर्जी लाती है। उनके डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज दर्शकों को लगातार एंटरटेन करते हैं, खासकर पहले हाफ में उनकी टाइमिंग फिल्म को हल्का और मजेदार बनाए रखती है।
तब्बू अपने किरदार में गंभीरता और रहस्य का पुट जोड़ती हैं। वामिका गब्बी और मिथिला पालकर को भले ही कम स्क्रीन टाइम मिला हो, लेकिन उनकी नैचुरल एक्टिंग कहानी के इमोशनल हिस्से को सपोर्ट करती है।
दिवंगत असरानी की मौजूदगी फिल्म में एक अलग ही भावनात्मक जुड़ाव पैदा करती है।
सपोर्टिंग कास्ट में जीशू सेनगुप्ता, जाकिर हुसैन और राजेश शर्मा ने अपने-अपने किरदारों को विश्वसनीय बनाया है।

निर्देशन
प्रियदर्शन ने अपने खास अंदाज में हॉरर और कॉमेडी के बीच संतुलन बनाए रखा है। फिल्म की कहानी दर्शकों को बांधे रखती है और इंटरवल का ट्विस्ट असरदार साबित होता है। हालांकि, स्क्रिप्ट को थोड़ा और कसावट दी जा सकती थी और फिल्म की लंबाई (लगभग 2 घंटे 45 मिनट) कुछ कम होती तो प्रभाव और मजबूत होता। फिल्म का विजुअल ट्रीटमेंट शानदार है डरावना बैकड्रॉप, बेहतर वीएफएक्स, मजबूत सिनेमैटोग्राफी और सेट डिजाइन कहानी के माहौल को और प्रभावी बनाते हैं। हालांकि, कुछ सीन थोड़े ओवर और लगते हैं, जिन्हें सरल बनाया जा सकता था। कुछ चीजें ऐसी भी हैं जो नई नहीं लगती है।