Edited By Mansi,Updated: 03 Apr, 2026 03:30 PM

यहां पढ़ें कैसा है रवि किशन की सीरीज मामला लीगल का है दूसरा सीजन।
सीरीज: मामला लीगल है 2 (Maamla Legal Hai 2)
निर्देशक: राहुल पांडे (Rahul Pandey)
कलाकार: रवि किशन (Ravi Kishan), नायला ग्रेवाल (Naila Grewal), कुशा कपिला (Kusha Kapila), अनंत जोशी (Anant Joshi), अंजुम बत्रा (Anjum Batra), निधि बिष्ट (Nidhi Bisht),निरहुआ(Nirahua)
ओटीटी प्लेटफार्म: नेटफ्लिक्स (Netflix)
रेटिंग: 3.5*
Maamla Legal Hai 2: रवि किशन की मोस्ट अवेटेड कोर्ट रुम ड्रामा सीरीज मामला लीगल है सीजन 2 एक बार फिर एक अनोखे और मजेदार अंदाज में वकीलों की दुनिया से अवगत कराने के लिए हाजिर है। नेटफ्लिक्स पर मामला लीगल है का सीजन 2 रिलीज हो चुका है। जहां पुराने चेहरे और यादें बनी हुई हैं, लेकिन कुर्सियों और हैसियत में बदलाव देखने को मिलता है। पहला सीजन वकीलों की आपाधापी और कोर्ट रूम के हास्य पर केंद्रित था, वहीं अब यह सीजन न्याय व्यवस्था की ऊंची कुर्सियों और जजों के व्यक्तिगत संघर्ष पर ध्यान देता है। आइए जानते है कैसा है सीरीज का दूसरा सीजन।
कहानी
सीरीज का नया सीजन वहीं से शुरू होता है जहां पहला खत्म हुआ था, लेकिन इस बार कहानी में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। हमारे चहेते वकील रवि किशन उर्फ वीडी त्यागी अब पटपड़गंज के मुख्य जिला जज बन चुके हैं। इस बार सीजन में दिखाया गया है जब एक चालाक वकील जज बनता है, तो निष्पक्षता और पुरानी दोस्ती के बीच बारीक संतुलन बनाना कितना मुश्किल हो जाता है।

वहीं वकीलों की दुनिया में भी हलचल जारी है। सुजाता दीदी (निधि बिष्ट) और लखमीर मिंटू (अंजुम बतरा ) के बीच चैंबर पर कब्जा करने की लड़ाई चल रही है। हार्वर्ड पढ़ी अनन्या श्रॉफ नायला ग्रेवाल) अभी भी आदर्श और भारतीय अदालत की सच्चाई के बीच संतुलन बनाने की कोशिश में हैं। इस बार कुछ सामाजिक मुद्दों को बड़े ही मजेदार तरीके से कहानी में शामिल किया गया है जैसे पुरुषों के खिलाफ उत्पीड़न कानून, वैवाहिक संपत्ति और समलैंगिक अधिकार।
निर्देशन
सीरीज का निर्देशक राहुल पांडे ने किया है। निर्देशक ने जज के ट्रैक को मजबूती से पेश किया है। पटपड़गंज कोर्ट का माहौल, चैंबर की अव्यवस्था और सरकारी दफ्तरों की सुस्ती कैमरे पर अच्छे से दिखी है। हालांकि वकीलों की दुनिया का ट्रैक कुछ खिंचा हुआ और दोहराव वाला लग रहा है। सिनेमैटोग्राफी साधारण और कहानी के अनुरूप है, जिसमें फालतू प्रयोग नहीं किए गए। लेकिन कहानी का वही पहले सीजन वाला अंदाज बरकरार रखा है। कॉमेडी और कोर्टरुम ड्रामा का बैलेंस अच्छा है।

अभिनय
रवि किशन एक बार फिर वीडी त्यागी में फिट बैठे हैं। उनका बॉडी लैंग्वेज और एक्सप्रेशन इतना सहज है कि किरदार पर पूरा भरोसा हो जाता है। नायला ग्रेवाल नई वकील के रोल में शानदार हैं। निधि बिष्ट और अंजुम बत्रा ने अपने-अपने किरदारों में जान डाली है। निरहुआ का छोटा लेकिन मजेदार रोल असर छोड़ता है। कुशा कपिला का स्क्रीन स्पेस कम है, लेकिन उन्होंने अच्छा काम किया। अनंत जोशी, अमित विक्रम पांडे, विजय राजोरिया और कुमार सौरभ भी अपने किरदार में फिट नजर आए।
