Bandwaale review:सपनों, संगीत और बगावत से बुनी एक कहानी

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 12:59 PM

bandwaale series review in hindi

यहां पढ़ें कैसी है सीरीज बैंडवाले

सीरीज: बैंडवाले (Bandwaale)
निर्देशन: अक्षत वर्मा (Akshat Verma), अंकुर तिवारी (Ankur Tewari)
कलाकार: जहान कपूर (Zahan Kapoor), शालिनी पांडे (Shalini Pandey), स्वानंद किरकिरे (Swanand Kirkire), संजना दीपू (sanjana dipu) , आशीष विद्यार्थी (Ashish Vidyarthi)
रेटिंग: 3*


Bandwaale: बैंडवाले एक म्यूजिकल कॉमेडी-ड्रामा वेब सीरीज है जो आज प्राइम वीडियो पर रिलीज हो रही है। सीरीज का निर्देशन अक्षत वर्मा और अंकुर तिवारी ने किया है। यह सीरीज छोटे शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित है और सपनों, पारिवारिक दबाव, कला और सोशल मीडिया जैसे विषयों को छूती है। आइए जानते हैं कैसी है सीरीज बैंडवाले।

कहानी
कहानी रतलाम की रहने वाली मरियम के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे कविताएं लिखने का शौक है। वह गुमनाम रहकर ऑनलाइन अपनी भावनाएं व्यक्त करती है। असल जिंदगी में वह अपने सख्त पिता डेविड (आशीष विद्यार्थी ) के दबाव में रहती है, जो उसकी जल्द शादी करवाना चाहते हैं।

मरियम अपने दोस्तों रोबो और डीजे साइको (Swanand Kirkire और Zahan Kapoor) के साथ मिलकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करती है। कहानी में सपनों की उड़ान है, लेकिन साथ ही सामाजिक मुद्दों और पारिवारिक टकराव की झलक भी मिलती है। किस तरह से मरियम अपनी पहचान बना पाती है और उसके रास्ते में किस तरह की परेशानियां आती हैं ये जानने के लिए आपको पूरी सीरीज देखनी होगी।

अभिनय
मरियम के किरदार में शालिनी पांडे ने सधा हुआ और इमोशन से भरपूर अभिनय किया है। उनका किरदार दर्शकों से जुड़ता है और वह कहानी की मजबूत कड़ी बनकर सामने आती हैं। ज़हान कपूर अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से प्रभावित करते हैं। स्वानंद किरकिरे का किरदार थोड़ा उलझा हुआ लगता है, जिससे उनका अभिनय पूरी तरह निखर नहीं पाता। वहीं, आशीष विद्यार्थी सख्त पिता के रोल में प्रभावी नजर आते हैं।

निर्देशन और लेखन
सीरीज का विषय अच्छा है और विचारों की कमी नहीं है। इसमें सोशल मीडिया की दुनिया, परफॉर्मेटिव एक्टिविज्म, पारिवारिक सोच और युवा सपनों जैसे कई मुद्दों को दिखाने की कोशिश की गई है।

हालांकि, यही इसकी कमजोरी भी बन जाती है। कहानी कई विषयों को एक साथ संभालने की कोशिश करती है, जिससे कुछ मुद्दे अधूरे से लगते हैं। अगर कहानी थोड़ी धीमी और केंद्रित होती, तो असर और मजबूत हो सकता था। लेकिन सीरीज में एंटरटेनमेट का फुल डोज मिलता है।

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