‘O’ Romeo’ रिव्यू: मुंबई अंडरवर्ल्ड, प्यार और बदले की कहानी बड़े पर्दे पर, जबरदस्त लगे शाहिद कपूर

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 02:59 PM

o romeo review review in hindi

यहां पढ़ें कैसी है शाहिद कपूर की फिल्म ओ रोमियो

फिल्म: ओ रोमियो (O’Romeo)
निर्देशक: विशाल भारद्वाज (Vishal Bhardwaj)
कलाकार: Shahid Kapoor (शाहिद कपूर) , Triptii Dimri (तृप्ति डिमरी), Vikrant Massey (विक्रांत मैसी), Avinash Tiwary(अविनाश तिवारी), Nana Patekar (नाना पाटेकर), Farida Jalal फरीदा जलाल, Disha Patani (दिशा पाटनी), Tamannaah Bhatia(तमन्ना भाटिया)
रेटिंग: 3.5*

O’Romeo: शाहिद कपूर की फिल्म ओ रोमियो आज यानी 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी ये फिल्म रोमांटिक-एक्शन ड्रामा है, जो 1990 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड से प्रेरित है। फिल्म की कहानी Mafia Queens of Mumbai से ली गई घटनाओं और कथाओं पर आधारित है। फिल्म में तृप्ति डिमरी,विक्रांत मैसी, नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी मुख्य भूमिका में हैं। आइए जानते हैं कैसी है शाहिद कपूर की मचअवेटेड गैंगस्टर रोमांस फिल्म ओ’ रोमियो।

कहानी
फिल्म की कहानी की शुरुआत साल 1995 से मुंबई से होती है। कहानी एक साधारण प्रेम कहानी नहीं है इसमें प्यार, लालच और बदले की भावना गहराई से दिखायी गई है। अफ़्शा (तृप्ति डिमरी) अपने पति की मौत के बाद हुसैन उस्तारा से मदद मांगती है ताकि वह उसके हत्यारों का सामना कर सके। इस फिल्म में मुंबई अंडरवर्ल्ड की काली दुनिया और वहां की हिंसक घटनाओं को रोमांचक अंदाज़ में पेश किया गया है। लेकिन इस दौरान हैं जमकर रोमांच आगे की कहानी जानने के लिए आपको पूरी फिल्म देखनी होगी।

अभिनय
शाहिद कपूर ने हुसैन उस्तारा का किरदार शानदार ढंग से निभाया है। उनके किरदार में हिंसा और खतरनाक अंदाज को प्रभावी तरीके से दिखाया गया है।

तृप्ति डिमरी ने अफ़्शा के रूप में एक बदले की आग में जलती महिला की भूमिका में दमदार प्रदर्शन किया है। उनका किरदार फिल्म का ऐसा केंद्र बनता है और दर्शकों से जुड़ता है। तृप्ति का ये अब तक का सबसे अलग रोल है। अविनाश तिवारी का काम तारी के काबिल है

विक्रांत मैसी,  दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया, नाना पाटेकर, फरीदा जलाल और अरुणा ईरानी जैसे अनुभवी कलाकार भी हैं, जिन्होंने अपने किरदारों को पूरी मेहनत से निभाया है। हालांकि, लंबी और बिखरी हुई कहानी उनके अभिनय को पूरी तरह चमकने का मौका नहीं देती।

निर्देशक
विशाल भारद्वाज का निर्देशन और पटकथा इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। संवादों में उनकी खास शैली दिखाई देती है और बैकग्राउंड म्यूजिक कहानी के साथ अच्छी तरह मेल खाता है। हालांकि, तीन घंटे के लंबाई के कारण फिल्म कभी-कभी खिंची हुई और धीमी लगती है। स्पेन में शूट किए गए दृश्य शानदार हैं और विजुअली आकर्षक हैं, लेकिन ड्रामेटिक दृष्टि से थोड़े कमजोर लगे। कुछ जगह पर फिल्म उतनी प्रभावी नहीं लगती है।

संक्षेप में कहें तो ओ’ रोमियो मनोरंजक और मसालेदार फिल्म है, जो प्यार, बदले और अंडरवर्ल्ड की दुनिया को संतुलित तरीके से पेश करने की कोशिश करती है। अभिनय और निर्देशन मजबूत हैं, लेकिन लंबाई और पटकथा की ढीलापन इसे कभी-कभी कमजोर महसूस कराता है।

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