Edited By Prachi Sharma,Updated: 04 Nov, 2026 11:52 AM

गायक यो यो हनी सिंह के भतीजे और 'स्पीड रिकॉर्ड्स' के मालिक दिनेश औलख के बेटे, दिवित औलख का अंतिम संस्कार मंगलवार को जालंधर के मॉडल टाउन श्मशान घाट में किया गया। इस दौरान पंजाबी संगीत और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने के...
Divit Aulakh Funeral : गायक यो यो हनी सिंह के भतीजे और 'स्पीड रिकॉर्ड्स' के मालिक दिनेश औलख के बेटे, दिवित औलख का अंतिम संस्कार मंगलवार को जालंधर के मॉडल टाउन श्मशान घाट में किया गया। इस दौरान पंजाबी संगीत और मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए वहां मौजूद थीं। रविवार को जालंधर में एक सड़क दुर्घटना में दिवित की दुखद मौत हो गई, जिससे उनका परिवार और पंजाबी संगीत जगत गहरे शोक में है।
इस युवा को अंतिम विदाई देने के लिए श्मशान घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। गिप्पी ग्रेवाल, बब्बू मान, जैज़ी बी, अमृत मान और सतिंदर सरताज सहित कई मशहूर गायकों ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया। गायक प्रीत हरपाल और रंजीत बावा भी उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए वहां मौजूद थे।
इस कठिन समय में यो यो हनी सिंह शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े रहे। दिवित के पिता, दिनेश औलख ने अंतिम संस्कार किया। इस गहरे सदमे से परिवार पूरी तरह टूट गया था। दिवित की मां अपने बेटे के पार्थिव शरीर के पास खड़ी होकर उसे बार-बार पुकार रही थीं और उन्हें किसी तरह चुप कराना मुश्किल हो रहा था। वहाँ मौजूद कई लोग, जिनमें संगीत जगत के लोग भी शामिल थे, इस भावुक दृश्य को देखकर बेहद दुखी हो गए।
पंजाब के जालंधर में रविवार तड़के एक सड़क हादसे में दिवित औलख की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह करीब 3:30 बजे हुए इस हादसे में दिवित और उनके दोस्त आरव तलवार की जान चली गई।
हादसे के समय दिवित के फोन में 'क्रैश डिटेक्शन' फीचर चालू था, जिसमें उनकी मां का नंबर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट के तौर पर सेव था। हादसा होने के बाद, उनके मोबाइल फोन पर लोकेशन के साथ एक अलर्ट गया। इसके बाद उन्होंने परिवार को जानकारी दी। रिश्तेदारों ने दिवित को फोन करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार, उनके दोस्तों से संपर्क करने पर उन्हें हादसे के बारे में पता चला। वहां श्रद्धांजलि देने पहुंचे अभिनेता और कॉमेडियन गुरप्रीत घुग्गी ने मीडिया से बात करते हुए अपना दुख जताया और सड़क सुरक्षा के अहम मुद्दे पर भी बात की।

परिवार के इस असहनीय नुकसान के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोग अपनी संवेदनाएँ जताकर अपने-अपने घर लौट सकते हैं, लेकिन जिसने अपना कोई अपना खोया हो, वही उस खालीपन को सच में समझ सकता है।
उन्होंने कहा, "हर कोई अपनी संवेदनाएं जताकर घर वापस जा सकता है। लेकिन जिन घरों में कोई नहीं रहा, वे ही जानते हैं कि वे किस दौर से गुजर रहे हैं। इससे बड़ा अन्याय और क्या हो सकता है ?
उन्होंने सड़क हादसों में लगातार हो रही मौतों पर सवाल उठाए और सड़क सुरक्षा के उपायों को लेकर बरती जा रही लापरवाही की आलोचना की। बेहतर सड़क बुनियादी ढाँचे, युवा ड्राइवरों के बीच जागरूकता, वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने और सड़क व उसके किनारे की सुरक्षा पर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, घुग्गी ने कहा कि ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए व्यवस्था में बड़े सुधारों की तत्काल आवश्यकता है। "दुख की बात यह है कि यह सब कब तक चलता रहेगा? सड़कों पर कब तक खून-खराबा होता रहेगा ? इसे रोकने को लेकर कभी कोई गंभीरता नहीं दिखाई जाती। बच्चों को जागरूक करने, सड़क व्यवस्था को सुधारने, वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाने या वाहनों की सर्विसिंग कराने जैसी कोई बात नहीं होती। हमें अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली है। पता नहीं, इस तरह और कितनी जानें जाएंगी," उन्होंने सड़क हादसों को रोकने की दिशा में अधिक ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा। बी.जे.पी नेता सुशील रिंकू ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

दिनेश औलख और उनकी पत्नी को हिम्मत देने की प्रार्थना करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता और परिवार को इसे सहने की शक्ति केवल गुरु महाराज की शरण में जाने से ही मिल सकती है। अंतिम संस्कार के दौरान पंजाबी मनोरंजन जगत के लोगों ने एकजुटता दिखाई; दुख की इस घड़ी में कई गायक, कलाकार और शुभचिंतक औलख परिवार के साथ खड़े नजर आए।