Edited By Reetu sharma,Updated: 16 Feb, 2026 05:52 PM

‘Kurinji’ एक पुरस्कार-प्राप्त फ़िल्म परियोजना है, जिसे बर्लिनाले टैलेंट्स स्क्रिप्ट स्टेशन में प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद इसे वर्ष 2022 में बर्लिनाले टैलेंट्स और पर्सपेक्टिवे डॉयचे़स कीनो की ओर से कोम्पान्योन फ़ेलोशिप मिली।
नई दिल्ली। ‘Kurinji’ एक पुरस्कार-प्राप्त फ़िल्म परियोजना है, जिसे बर्लिनाले टैलेंट्स स्क्रिप्ट स्टेशन में प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद इसे वर्ष 2022 में बर्लिनाले टैलेंट्स और पर्सपेक्टिवे डॉयचे़स कीनो की ओर से कोम्पान्योन फ़ेलोशिप मिली। वर्ष 2024 में गोवा में आयोजित राष्ट्रीय फ़िल्म विकास निगम के फ़िल्म बाज़ार सह-निर्माण मंच पर इस परियोजना को पहला स्थान प्राप्त हुआ।
यह फ़िल्म केरल की लाली की कहानी है, जो एक पत्नी और माँ है। उसका पति खाड़ी देशों में काम करता है, लेकिन बारह वर्षों बाद अचानक उससे संपर्क और धन भेजना बंद कर देता है। अपने पति की तलाश में लाली एक स्थानीय दूरदर्शन कार्यक्रम की मदद लेती है, जो लापता प्रवासी कामगारों को खोजने में सहायता करता है। इस खोज के दौरान उसे अपने पति के विदेश में छिपे जीवन के बारे में पता चलता है। अनिश्चित भविष्य और लापता पति के बीच फँसी लाली अपने जीवन को नए सिरे से देखने लगती है। फ़िल्म का नाम नीलगिरि पर्वतमाला में बारह वर्षों में एक बार खिलने वाले कुरिंजी फूल पर रखा गया है, जो प्रतीक्षा, सहनशीलता और परिवर्तन के चक्र को दर्शाता है।
फ़्रांस की निर्माता नथाली मेज़ुरे ने गोवा फ़िल्म बाज़ार में इस परियोजना को देखा और कहानी की सच्चाई तथा निर्देशक पायल सेठी द्वारा रची गई आधुनिक भारतीय महिला की संवेदनशील छवि से प्रभावित होकर इससे जुड़ गईं। जर्मनी की एक निर्माण कंपनी भी इस फ़िल्म में रुचि दिखा रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मज़बूत हो रहा है।
निर्देशक पायल सेठी कहती हैं कि यह फ़िल्म उन महिलाओं की कहानी है, जो अपने पतियों के विदेश जाने के बाद भावनात्मक अकेलेपन में रहकर परिवार को संभालती हैं। यह फ़िल्म प्रवास के आर्थिक लाभों और उसके व्यक्तिगत प्रभावों पर भी सवाल उठाती है। फिल्मकारवां की निर्माता सोनाली बावा के अनुसार, यह फ़िल्म भारत में महिलाओं के जीवन की सच्ची भावनाओं को दर्शाती है और सीमाओं से परे हर दर्शक से जुड़ती है।