9 साल की उम्र में मेरे साथ शोषण हुआ था ...Harshad Chopda ने बताया, उस घटना की वजह से Gay से लगता है डर

Edited By Updated: 29 Jul, 2026 04:28 PM

harshad chopda secret

Harshad Chopda : रियलिटी शो लॉकअप सीजन 2 के हालिया एपिसोड में हर्षद चोपड़ा ने अपना तीसरा और अंतिम सीक्रेट साझा करते हुए सभी को भावुक कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक अनुभव पहली बार खुलकर बताया

Harshad Chopda : रियलिटी शो लॉकअप सीजन 2 के हालिया एपिसोड में हर्षद चोपड़ा ने अपना तीसरा और अंतिम सीक्रेट साझा करते हुए सभी को भावुक कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन से जुड़ा एक बेहद दर्दनाक अनुभव पहली बार खुलकर बताया। अभिनेता ने कहा कि जब वह सिर्फ 9-10 साल के थ, तब उनके साथ ऐसी घटना हुई थी जिसे उस उम्र में वह समझ भी नहीं पाए थे। 

9 साल की उम्र में हर्षद चोपड़ा के साथ हुई थी गंदी हरकत 
हाल ही में आए एपिसोड के दौरान जब हर्षद को अपना सीक्रेट बताने को कहा तो उन्होंने बताया कि जब मैं 9 साल का था तो मेरे साथ मोलेस्टेशन हुई थी। हमारे मां-बाप अक्सर अपने बच्चों को दूसरे लोगों के भरोसे छोड़ देते हैं। एक बार उन्होंने मुझे कुछ ऐसे भरोसेमंद लोगों के पास छोड़ा था, जिन पर न सिर्फ मेरे परिवार को बल्कि हर किसी को भरोसा था। रात के समय में मैं बहुत सेहमा हुआ था और उसी समय मेरे साथ उस व्यक्ति ने गलत हरकत करने की कोशिश की थी। उस दौरान मैंने पूरे कपड़े पहने हुए थे और मेरे ऊपर कोई था। 

मैंने सोने का नाटक किया 
इसके बाद हर्षद ने बताया कि उस दौरान मुझे समझ नहीं आया मेरे साथ क्या हो रहा है। डर के मारे मैंने सोने का नाटक किया। मैंने आज तक यह बात सबसे छुपा कर रखी थी। वो व्यक्ति मुझे रात के समय बाहर लेकर गया और गोद में उठाया। उस समय मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मेरे साथ क्या हो रहा है ?

 माता-पिता से कहा की अपने बच्चों को कभी अकेला न छोड़े 
हर्षद ने सभी माता-पिता से अपील करते हुए कहा की बच्चों को कभी भी बिना निगरानी के किसी के भरोसे न छोड़ें और उनके साथ ऐसा रिश्ता बनाएं, जिसमें वे बिना डर या झिझक के हर बात साझा कर सकें। उनका कहना था कि जिन लोगों के साथ बचपन में ऐसी घटनाएं होती हैं, उन्हें चुप रहने के बजाय अपनी बात सामने रखनी चाहिए ताकि दोषियों को सच सबके सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के साथ बचपन में ऐसी घटनाएं होती हैं, उन्हें चुप रहने के बजाय अपनी बात सामने रखनी चाहिए ताकि दोषियों का सच सबके सामने आ सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने उनके साथ गलत किया, वे आज भी सामान्य जिंदगी जी रहे हैं। हर्षद ने स्वीकार किया कि इस घटना का असर उनके मन पर इतना गहरा पड़ा कि उन्हें समलैंगिक पुरुषों से डर महसूस होता है। हालांकि उन्होंने साफ़ किया कि यह नफरत नहीं बल्कि उनके व्यक्तिगत अनुभव से जुड़ा डर है।

इसके बाद हर्षद ने कहा की उनके मुताबिक बड़ी संख्या में बच्चे किसी न किसी रूप में ऐसे दर्दनाक अनुभवों से गुजरते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों की परवरिश प्यार, विश्वास और खुले संवाद के साथ होनी चाहिए, ताकि वे किसी भी परेशानी या गलत घटना के बारे में अपने माता-पिता से बेझिझक बात कर सकें। 

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