Edited By Mansi,Updated: 23 Oct, 2026 12:49 PM
फिल्म: तू है मेरी किरण (Tu Hai Meri Kiran)
स्टार कास्ट: सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha), जहीर इकबाल (Zaheer Iqbal), अंकित गुप्ता (Ankit Gupta), शर्लिन सेठ (Sherlyn Seth), जरीना वहाब (Zarina Wahab) और पूर्णेंदु भट्टाचार्य (Purnendu Bhattacharya)
डायरेक्टर: करण रावल (Karan Rawal)
रेटिंग: 3*
Tu Hai Meri Kiran: किसी अनजान इंसान से फोन पर बात करते हुए अगर पता चले कि वह आपसे पूरे दस साल पीछे के समय में जी रहा है, तो यह अनुभव कैसा होगा? फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ की कहानी इसी अनोखे विचार के साथ आगे बढ़ती है। सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की यह फिल्म रोमांस, रहस्य और जुनून को मिलाकर एक ऐसे रिश्ते की कहानी पेश करती है, जहां समय का अंतर भी खतरे को कम नहीं कर पाता।
कहानी
किरण की जिंदगी में एक अनजान फोन कॉल के जरिए समर आता है। दोनों की दुनिया एक ही समय में नहीं, बल्कि दस साल के अंतर पर चल रही है। किरण साल 2026 में है, जबकि समर 2016 में जी रहा है। शुरुआत में दोनों के बीच बातचीत दिलचस्प लगती है, लेकिन धीरे-धीरे समर का लगाव जुनून में बदलने लगता है। किरण को पाने की चाहत में वह उसे ब्लैकमेल करने पर उतर आता है। ऐसे में किरण के लिए यह रिश्ता प्यार या दोस्ती का अनुभव न रहकर परेशानी बन जाता है। अब सवाल यह है कि किरण समर के इस जुनून से खुद को कैसे बचाएगी। फिल्म की कहानी इसी संघर्ष और रहस्य के इर्द-गिर्द घूमती है।

एक्टिंग
सोनाक्षी सिन्हा ने किरण के किरदार में डर, परेशानी और हिम्मत के अलग-अलग भाव दिखाने की कोशिश की है। उनका अभिनय कहानी के साथ बना रहता है और किरदार की मुश्किलों को सामने लाता है। वहीं, जहीर इकबाल समर की भूमिका में नजर आते हैं। उनका किरदार कहानी में तनाव पैदा करता है, हालांकि एक जुनूनी प्रेमी के रूप में उनके अभिनय में थोड़ी और गहराई होती, तो किरदार का असर ज्यादा प्रभावशाली बन सकता था। अंकित गुप्ता समेत बाकी कलाकार भी अपनी भूमिकाओं के जरिए कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।

डायरेक्शन
करण रावल के निर्देशन में बनी इस फिल्म की सबसे खास बात इसका कॉन्सेप्ट है। दो अलग-अलग समय में जी रहे लोगों के बीच फोन पर होने वाली बातचीत कहानी को रहस्यमयी बनाती है और कई दिलचस्प संभावनाएं सामने रखती है। फिल्म यह भी दिखाती है कि प्यार के नाम पर किसी दूसरे की जिंदगी को अपने हिसाब से चलाने की कोशिश किस तरह खतरनाक रूप ले सकती है। हालांकि, समय से जुड़े इस अनोखे विचार को कुछ जगहों पर और स्पष्ट तरीके से समझाया जाता, तो कहानी का प्रभाव बढ़ सकता था। कुछ सवालों के अधूरे जवाब फिल्म की पकड़ को थोड़ा कमजोर करते हैं।
म्यूजिक
फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर रहस्य और तनाव वाले दृश्यों को प्रभावी बनाने में मदद करता है। वहीं, रोमांटिक संगीत कहानी के भावनात्मक पक्ष को सामने लाता है। सस्पेंस और रोमांस के बीच संगीत माहौल बनाने का काम करता है, हालांकि इसका प्रभाव कहानी के कुछ हिस्सों में ही ज्यादा महसूस होता है।

कैसी है फिल्म?
‘तू है मेरी किरण’ एक अनोखे विचार पर बनी फिल्म है, जो रोमांस के साथ रहस्य और जुनून को जोड़ने की कोशिश करती है। दो अलग-अलग समय में मौजूद लोगों का रिश्ता कहानी को दिलचस्प बनाता है, लेकिन इसकी कुछ उलझनों को बेहतर तरीके से सुलझाया जा सकता था। इसके बावजूद, अगर आपको रोमांटिक कहानियों में सस्पेंस और रहस्य का मेल पसंद है, तो यह फिल्म आपको आकर्षित कर सकती है। कुल मिलाकर, ‘तू है मेरी किरण’ एक बार देखी जा सकती है।