AC-Refrigerator Price Hike: आपकी जेब पर बढ़ेगा बोझ, सरकार के नए फैसले से बढ़ सकती हैं AC और फ्रिज की कीमतें

Edited By Updated: 18 May, 2026 05:39 PM

the government s new decision may increase the prices of acs and refrigerators

भारत में भीषण गर्मी ने जहां आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं एयर कंडीशनर (AC) और रेफ्रिजरेटर खरीदने वालों के लिए भी चिंता की खबर है। सरकार द्वारा कंप्रेसर के इंपोर्ट पर लगाई गई नई पाबंदियों की वजह से आने वाले दिनों में मार्केट में AC और...

 AC-Refrigerator Price Hike: भारत में भीषण गर्मी ने जहां आम लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं एयर कंडीशनर (AC) और रेफ्रिजरेटर खरीदने वालों के लिए भी चिंता की खबर है। सरकार द्वारा कंप्रेसर के इंपोर्ट पर लगाई गई नई पाबंदियों की वजह से आने वाले दिनों में मार्केट में AC और रेफ्रिजरेटर की कमी हो सकती है और इनकी कीमतें भी बढ़ सकती हैं।
सरकार का नया फैसला और पाबंदियां

डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने 8 मई, 2026 से कंप्रेसर के इंपोर्ट पर कोटा लागू कर दिया है। दो टन तक के AC के लिए कंप्रेसर का इंपोर्ट पिछले साल के मुकाबले सिर्फ 30% तक सीमित कर दिया गया है।  इनके इंपोर्ट पर 40% की लिमिट लगाई गई है।
दो टन से ज़्यादा कैपेसिटी वाले कंप्रेसर के लिए यह लिमिट 90% तय की गई है। डिमांड और सप्लाई में बहुत बड़ा अंतर

अभी, भारत में AC की सालाना डिमांड करीब 15 करोड़ यूनिट है, जबकि देश में सिर्फ़ 7-8 लाख कंप्रेसर बन रहे हैं। इसी तरह, रेफ्रिजरेटर की डिमांड भी करीब 15 करोड़ यूनिट है, जबकि लोकल प्रोडक्शन सिर्फ़ 8.5-9 मिलियन यूनिट है। भारत अपनी कंप्रेसर ज़रूरतों के लिए काफी हद तक चीन (करीब 66%) पर निर्भर है।
क्यों आ सकता है संकट?

अप्रैल के आखिर में, AC की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 20-25% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि कंपनियां देश में प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं, लेकिन नए कंपोनेंट्स की टेस्टिंग और वैलिडेशन में करीब 6 महीने लगते हैं, जिससे तुरंत सप्लाई बढ़ाना मुश्किल है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, भारत 2028 के आखिर तक ही कंप्रेसर बनाने में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बन पाएगा।
आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?

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    सप्लाई कम होने और डिमांड बढ़ने की वजह से वोल्टास और ब्लू स्टार जैसी कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। इसके अलावा, छोटी कंपनियों के लिए सामान मिलना और भी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि नए कोटा सिस्टम से उन कंपनियों को ज़्यादा फ़ायदा हो सकता है जिन्होंने पिछले साल ज़्यादा सामान ऑर्डर किया था। सरकार का यह कदम 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए है, लेकिन मौजूदा गर्मी के मौसम में इससे ग्राहकों की जेब पर असर पड़ सकता है।

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