यूक्रेन के बाद अब ये देश लेंगे नाटो की सदस्यता, रूस ने दिखाए तेवर

Edited By Yaspal, Updated: 16 May, 2022 10:03 PM

after ukraine now these countries will take nato membership

स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर स्वीडन भी फिनलैंड की तरह उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता के लिए अनुरोध करेगा। यह ऐतिहासिक बदलाव, इस नॉर्डिक देश (स्वीडन) में 200

इंटरनेशनल डेस्कः स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने सोमवार को घोषणा की कि यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर स्वीडन भी फिनलैंड की तरह उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की सदस्यता के लिए अनुरोध करेगा। यह ऐतिहासिक बदलाव, इस नॉर्डिक देश (स्वीडन) में 200 से अधिक वर्षों के सैन्य गुटनिरपेक्षता के बाद आया है। हालांकि, उसके इस कदम से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार के विक्षुब्ध होने की आशंका जताई जा रही है।

फिनलैंड की सरकार ने रविवार को घोषणा की थी कि वह 30 देशों वाले सैन्य गठबंधन में शामिल होने के लिए अनुरोध करेगा। स्वीडन की प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने राजधानी में सांसदों को संबोधित करते हुए इसे ‘‘अपने देश की सुरक्षा नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव'' करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘हम नाटो को सूचित करेंगे कि हम गठबंधन का सदस्य बनना चाहते हैं। स्वीडन को औपचारिक सुरक्षा गारंटी की आवश्यकता है जो नाटो में सदस्यता के साथ आती है।''

एंडरसन ने कहा कि स्वीडन, फिनलैंड के साथ मिलकर काम कर रहा है, जहां की सरकार ने रविवार को घोषणा की थी कि वह गठबंधन में शामिल होने का प्रयास करेगी। यह घोषणा सोमवार को रिक्सडेगन या संसद में इस विषय पर चर्चा कराये जाने के बाद हुई, जिससे पता चला कि नाटो में शामिल होने के लिए स्वीडन की सरकार को बड़ा समर्थन प्राप्त है। स्वीडन की आठ पार्टियों में से केवल दो छोटी एवं वामपंथ की ओर झुकाव रखने वाली पार्टियों ने इस कदम विरोध किया।

रविवार को स्वीडिश सोशल डेमोक्रेट के सदस्यों ने पार्टी की लंबे समय से चले आ रहे इस रुख को बदल दिया कि स्वीडन को गुटनिरपेक्ष रहना चाहिए, जिससे संसद में नाटो सदस्यता के लिए स्पष्ट बहुमत का मार्ग प्रशस्त हुआ। दोनों नॉर्डिक देशों में जनता की राय 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण होने से पहले नाटो में शामिल होने के खिलाफ थी, लेकिन उसके बाद दोनों देशों में नाटो सदस्यता के लिए समर्थन तेजी से बढ़ा।

विदेश मंत्री एन लिंडे ने ट्वीट किया, ‘‘स्वीडन की सरकार का इरादा नाटो सदस्यता के लिए आवेदन करना है। यह स्वीडन के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। संसद में राजनीतिक दलों के व्यापक समर्थन के साथ, निष्कर्ष यह है कि स्वीडन नाटो में सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा होगा।'' किसी समय क्षेत्रीय सैन्य शक्ति रहा स्वीडन ने नेपोलियन के युद्धों की समाप्ति के बाद से सैन्य गठबंधनों से परहेज किया है।
 

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