Edited By Tanuja,Updated: 20 Oct, 2026 03:24 PM

कनाडा के तेल समृद्ध अल्बर्टा प्रांत में करीब 76 प्रतिशत मतदाताओं ने देश से अलग होने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह मतदान स्वतंत्रता पर सीधा फैसला नहीं था। नतीजों से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कनाडा की एकता के समर्थकों को...
Toronto: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कनाडा को अपने देश में मिलाने की धमकियों और व्यापारिक तनाव के बीच कनाडा के तेल समृद्ध अल्बर्टा प्रांत से बड़ा राजनीतिक संदेश सामने आया है। यहां मतदाताओं ने कनाडा से अलग होने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। दस लाख से अधिक मतों की गिनती में लोगों ने कनाडा के साथ बने रहने का समर्थन किया। मंगलवार तड़के सामने आए नतीजों के मुताबिक, दस लाख से अधिक मतों की गिनती के बाद करीब 76 प्रतिशत मतदाताओं ने कनाडा के साथ बने रहने का समर्थन किया, जबकि लगभग 23 प्रतिशत ने अलगाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। यह मतदान सीधे तौर पर अल्बर्टा की स्वतंत्रता पर फैसला लेने के लिए नहीं था। इसका उद्देश्य कनाडा से अलग होने के मुद्दे पर भविष्य में एक और जनमत संग्रह कराने की दिशा में आगे बढ़ना था। प्रस्ताव खारिज होने के बाद फिलहाल अलगाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की इस कोशिश को झटका लगा है।
अल्बर्टा में यह मतदान ऐसे समय हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडा के खिलाफ व्यापारिक दबाव बढ़ा रहे हैं और उसे अमेरिका में मिलाने की धमकी भी दे चुके हैं। नतीजों को कनाडा की एकता के समर्थकों के लिए अहम जीत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इससे पहले अल्बर्टा के लोगों से देश की एकता के पक्ष में निर्णायक मतदान करने की अपील की थी। अलगाव के विरोध में अभियान चलाने वाले अल्बर्टा के पूर्व उपमुख्यमंत्री थॉमस लुकाशुक ने नतीजों के बाद समर्थकों से कहा, “हम एक मजबूत देश हैं, जो एक छोर से दूसरे छोर तक एकजुट है।”अल्बर्टा कनाडा के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पादक प्रांतों में से एक है। यहां तेल के विशाल भंडार हैं और लंबे समय से केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर नाराजगी रही है। प्रांत के कई लोगों की शिकायत है कि संघीय सरकार की ऊर्जा, पर्यावरण और आर्थिक नीतियां अल्बर्टा के हितों के अनुरूप नहीं हैं। इसी असंतोष के कारण अलगाववादी आंदोलन को समय-समय पर समर्थन मिलता रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी हमेशा कनाडा से पूरी तरह अलग होने के समर्थन में नहीं बदली। ताजा मतदान में भी बहुमत ने देश के साथ बने रहने का विकल्प चुना।
अल्बर्टा की मुख्यमंत्री डेनियल स्मिथ की सत्तारूढ़ यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के भीतर अलगाववादियों का दबाव रहा है। इसी राजनीतिक माहौल के बीच जनमत संग्रह कराया गया। हालांकि, स्मिथ स्वयं प्रांत की स्वतंत्रता की समर्थक नहीं हैं। उनके सामने एक ओर अलगाववादी विचारधारा रखने वाले समर्थकों की मांगों का दबाव था, तो दूसरी ओर कनाडा के साथ बने रहने के पक्ष में जनमत भी मौजूद था। नतीजों से अलगाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश को समर्थन नहीं मिला, लेकिन अलगाववादी आंदोलन के समर्थकों ने संकेत दिया है कि वे अपनी मुहिम जारी रखेंगे। मतदान केंद्र देर से खुलने के कारण सोमवार को 100 से अधिक मतदान केंद्रों पर मतदान का समय बढ़ाना पड़ा। इसके चलते नतीजों की घोषणा में देरी हुई। प्रांत के 13.5 लाख से अधिक मतदाताओं ने अग्रिम मतदान या विशेष मतपत्रों के माध्यम से वोट डाले। यह संख्या पात्र मतदाताओं की करीब 43 प्रतिशत थी।