Edited By Tanuja,Updated: 29 Jun, 2026 11:48 AM

यूरोप भीषण हीटवेव की चपेट में है। फ्रांस में 24 घंटे के भीतर 109 लोगों की मौत हुई है, जबकि जर्मनी के लाइपज़िग में पटरियों को नुकसान पहुंचने के कारण ट्राम सेवाएं बंद करनी पड़ीं। कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन और बिजली व्यवस्था पर फ्रांस में...
International Desk: यूरोप इस समय हाल के वर्षों की सबसे भीषण हीटवेव का सामना कर रहा है। रिकॉर्ड तोड़ तापमान ने न केवल लोगों की जान ली है, बल्कि परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और शहरी बुनियादी ढांचे को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है। फ्रांस में पिछले 24 घंटों के दौरान 109 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि जर्मनी के लाइपज़िग शहर में अत्यधिक गर्मी से रेल ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण पूरी ट्राम सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी।
NEW: 🇩🇪 All tram service suspended in Leipzig, Germany due to the high temperatures, thei rails are melting. pic.twitter.com/T2ZV4fvdk2
— Megatron (@Megatron_ron) June 28, 2026
फ्रांस में गर्मी बनी जानलेवा
फ्रांस में भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, केवल 24 घंटों में 109 लोगों की मौत दर्ज की गई। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर हीटवेव का सबसे अधिक असर पड़ा है। सरकार ने लोगों को दोपहर के समय घरों से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
जर्मनी के लाइपज़िग में ट्राम सेवा पूरी तरह बंद
जर्मनी के लाइपज़िग शहर में अत्यधिक तापमान के कारण ट्राम पटरियों और स्विचों के आसपास लगी सीलिंग सामग्री तथा डामर पिघलने लगे। इससे ट्राम का संचालन असुरक्षित हो गया और शहर की सभी ट्राम सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं। हालांकि बस सेवाओं को जारी रखने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कई स्थानों पर गर्मी के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ है।
🇫🇷 Who needs fire or gas when you have a heatwave that kills 109 in 24 hours? France right now.
Writer: Lucaspic.twitter.com/7n2UzGqRzW
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 27, 2026
कई देशों में हीटवेव का असर
इस भीषण गर्मी का प्रभाव केवल फ्रांस और जर्मनी तक सीमित नहीं है। जर्मनी, चेक गणराज्य, हंगरी और पोलैंड समेत यूरोप के कई देश अत्यधिक तापमान की चपेट में हैं।
- बिजली की मांग बढ़ गई है।
- स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ रहा है।
- परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है।
- कृषि और शहरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है।
वैज्ञानिकों की चेतावनी
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरोप में लगातार बढ़ रही हीटवेव की आवृत्ति और तीव्रता का सीधा संबंध मानव-जनित जलवायु परिवर्तन से है। विशेषज्ञों के अनुसार जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) के अत्यधिक उपयोग से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ा है। इसके कारण वैश्विक तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। भविष्य में ऐसी हीटवेव और अधिक लंबी, तीव्र और घातक हो सकती हैं।