Edited By Tanuja,Updated: 29 Jun, 2026 04:29 PM

ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने बहरीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि उकसावे की स्थिति में ईरान सख्त सैन्य कार्रवाई करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका सैन्य हमले रोकने तथा दोहा में वार्ता फिर शुरू करने पर सहमत हुए...
International Desk: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार अली अकबर वेलायती ने बहरीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान को उकसाया गया तो तेहरान "कठोर सैन्य निर्णय" लेने से पीछे नहीं हटेगा। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार वेलायती ने कहा, "बहरीन को गंभीर चेतावनी दी जाती है कि वह अपनी सीमाएं समझे और ऐसे खेल न खेले, जिससे ईरान को कठोर निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़े।"
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने दावा किया कि उसने हाल ही में बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को निशाना बनाया था। ईरान का आरोप है कि अमेरिका क्षेत्र में मौजूद अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए करता है। हालांकि बहरीन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। मनामा ने अपने क्षेत्र पर हुए कथित हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यह उसकी संप्रभुता का उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों को नुकसान पहुंचा है।
ईरान-अमेरिका वार्ता फिर शुरू होने की तैयारी
तनाव के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। रिपोर्टों के अनुसार दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष सैन्य हमले रोकने, और कतर की राजधानी दोहा में तकनीकी स्तर की वार्ता दोबारा शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इन वार्ताओं में मुख्य रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन सुरक्षा और अन्य विवादित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि इन दावों पर दोनों सरकारों की ओर से सभी विवरणों की आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। हाल के सप्ताहों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़े हैं। बताया गया है कि ईरान चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय जहाज उसके साथ समन्वय कर इस मार्ग से गुजरें। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की अलग व्याख्या के कारण तनाव बढ़ा। इसी विवाद के चलते पहले प्रस्तावित तकनीकी बैठकें स्थगित भी हुई थीं।
परमाणु वार्ता पर भी असर
ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय से जुड़े अधिकारी मेहदी फ़ज़ाएली ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान की जमी हुई वित्तीय संपत्तियों तक पहुंच सुनिश्चित करना भी वार्ता की महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि इन शर्तों पर प्रगति नहीं होती, तो आगे की बातचीत प्रभावित हो सकती है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। विभिन्न पक्षों के दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सभी मामलों में उपलब्ध नहीं है। इसलिए घटनाक्रम लगातार बदल सकता है और आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार किया जा रहा है।