Edited By Pardeep,Updated: 29 Mar, 2026 12:37 AM

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इसका असर भारत के पड़ोसी पाकिस्तान में भी साफ नजर आ रहा है, जहां LPG की कीमतों में भारी उछाल ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
इंटरनेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इसका असर भारत के पड़ोसी पाकिस्तान में भी साफ नजर आ रहा है, जहां LPG की कीमतों में भारी उछाल ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
LPG सिलेंडर के दाम में बड़ा उछाल
पाकिस्तान ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स (SPI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 11.67 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमत पहले 3150 से 3950 रुपये के बीच थी, जो अब बढ़कर 3900 से 5135 रुपये तक पहुंच गई है। खासतौर पर पंजाब प्रांत के कई शहरों में कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है।
ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर भी असर
LPG की बढ़ती कीमतों का असर परिवहन क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। रिक्शा, बस और मिनी बस जैसे वाहन, जो LPG से चलते हैं, उनके किराए में बढ़ोतरी हो गई है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी वजह वैश्विक है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतें बढ़ी हैं।
सिर्फ 11 दिन का कच्चे तेल का स्टॉक
पाकिस्तान की सालाना LPG जरूरत करीब 20 लाख टन है, जिसमें से 12 लाख टन आयात करना पड़ता है, जबकि 8 लाख टन घरेलू रिफाइनरी से आता है। मार्च में करीब 20,000 टन LPG लेकर तीन जहाज पहुंचे, लेकिन यह आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के पास कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए ही बचा है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
पेट्रोल, डीजल और LPG का बचा स्टॉक
- डीजल: 21 दिन
- पेट्रोल: 27 दिन
- LPG: सिर्फ 9 दिन
- जेट फ्यूल: 14 दिन
पाकिस्तान अपनी लगभग 70% पेट्रोलियम जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर निर्भर है। मौजूदा हालात में पश्चिम एशिया में तनाव के चलते शिपिंग रूट और सप्लाई चेन प्रभावित हो गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
ईरान से राहत की उम्मीद, लेकिन खतरा बरकरार
सरकार अब ईरान के साथ होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल आपूर्ति की अनुमति को लेकर बातचीत कर रही है, जिससे कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर LNG सप्लाई में रुकावट जारी रही, तो 14 अप्रैल के बाद देश को गंभीर गैस संकट का सामना करना पड़ सकता है।