बहरीन में ईरान हमलों के वीडियो शेयर करने वाले 5 पाकिस्तानी पहुंचे जेल, कांसुलर सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

Edited By Updated: 15 Mar, 2026 07:08 PM

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बहरीन में ईरान हमलों से जुड़े वीडियो बनाने और साझा करने के आरोप में पांच पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी ने पाकिस्तान की विदेशों में अपने नागरिकों को कानूनी संरक्षण देने की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों ने तत्काल कांसुलर सहायता और...

International Desk: बहरीन में पांच पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी ने विदेशों में फंसे पाकिस्तानियों को मिलने वाली कांसुलर सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तानी अख़बार Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक इन नागरिकों को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से जुड़े वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 10 मार्च को बहरीन पुलिस ने छह एशियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया, जिनमें पांच पाकिस्तानी शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के हमलों के बाद की घटनाओं के वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ऑनलाइन साझा किया, जिससे लोगों में भय फैल सकता था और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।

 

बहरीन पुलिस के मीडिया सेंटर के बयान में कहा गया कि आरोपियों ने ऐसे वीडियो प्रसारित किए जो “दुश्मनाना कृत्यों का महिमामंडन करते हैं और देश की सुरक्षा व सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं।” अधिकारियों का कहना है कि इन क्लिप्स ने लोगों को गुमराह करने और डर फैलाने का काम किया। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध जैसे संवेदनशील माहौल में भी पाकिस्तान को अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। जस्टिस पाकिस्तान प्रोजेक्ट की वकील और एडवोकेसी अधिकारी रिमशा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान को तुरंत इन बंदियों के लिए कांसुलर पहुंच, कानूनी सहायता और दुभाषिए की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।

 

उन्होंने यह भी कहा कि बंदियों के परिवारों को जानकारी दी जानी चाहिए और उन्हें अपने परिजनों से संपर्क का अधिकार मिलना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को पहले यह स्पष्ट करना होगा कि बहरीन में किस कानून के तहत इन नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद कूटनीतिक स्तर पर उनकी रिहाई या सजा में नरमी के लिए प्रयास किए जा सकते हैं।हालांकि एक बड़ी समस्या यह भी है कि पाकिस्तान और बहरीन के बीच कैदी स्थानांतरण (Prisoner Transfer) का कोई समझौता नहीं है। इसका मतलब है कि यदि इन नागरिकों को सजा मिलती है तो वे पाकिस्तान की जेल में सजा नहीं काट सकते।

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह मामला उस व्यापक समस्या को भी उजागर करता है जिसमें दुनिया भर की जेलों में 23,000 से अधिक पाकिस्तानी कैदी बंद हैं। इनमें से कई विदेशी कानूनी व्यवस्था और सीमित सरकारी सहायता के कारण गंभीर चुनौतियों का सामना करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान को विदेशों में अपने नागरिकों के लिए बेहतर कानूनी सहायता, मजबूत कांसुलर तंत्र और खाड़ी देशों के साथ कैदी स्थानांतरण समझौते करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

 

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