Edited By Harman,Updated: 06 Apr, 2026 09:22 AM

Iran-US War : मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से भड़की युद्ध की ज्वाला थमने का नाम नहीं ले रही है। छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुके इस भीषण संघर्ष ने अब एक ऐसे मोड़ पर दस्तक दी है, जहाँ दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली सैन्य प्रतिद्वंद्वी अमेरिका और ईरान आमने-सामने...
Iran-US War : मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से भड़की युद्ध की ज्वाला थमने का नाम नहीं ले रही है। छठे हफ्ते में प्रवेश कर चुके इस भीषण संघर्ष ने अब एक ऐसे मोड़ पर दस्तक दी है, जहाँ दुनिया के दो सबसे शक्तिशाली सैन्य प्रतिद्वंद्वी अमेरिका और ईरान आमने-सामने खड़े हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई '48 घंटे' की सख्त चेतावनी ने वैश्विक कूटनीति में खलबली मचा दी थी। उसी के जवाब में अब ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने अमेरिका और इजरायल को एक 'बड़े सरप्राइज' के लिए तैयार रहने को कहा है। ईरान का दावा है कि उसके पास लक्ष्यों की एक लिस्ट है और वह अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहा है।
'तैयार हो रहा बड़ा सरप्राइज...', ईरान की अमेरिका-इजरायल को चेतावनी
ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है कि ईरान, अमेरिका और इज़राइल दोनों के लिए एक "बड़ा सरप्राइज़" तैयार कर रहा है; यह मौजूदा संघर्ष में बड़े पैमाने पर तनाव बढ़ने की संभावना का संकेत है।
मालूम हो कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Donald Trump ने अपना अल्टीमेटम दोहराते हुए Iran को धमकी दी थी कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत नहीं खोला, तो मंगलवार से अमेरिका उसके पावर प्लांट, पुल और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर हमले शुरू कर देगा।ट्रंप के अनुसार, ईरान को पहले भी समय दिया गया था, लेकिन अब यह आखिरी चेतावनी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान नहीं मानता, तो अमेरिका और भी बड़े और खतरनाक हमले करेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां से लगभग 20% तेल और गैस की सप्लाई होती है। इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। ईरान ने ट्रंप की इस धमकी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों ने इसे “घबराहट और कमजोरी” बताया और कहा कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो उसका जवाब बहुत कड़ा होगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उसके सहयोगी देशों को निशाना बना सकता है। उसने यह भी कहा कि अगर युद्ध बढ़ा, तो हालात और ज्यादा खतरनाक हो जाएंगे। इस समय दोनों देशों के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। एक तरफ अमेरिका हमले की तैयारी की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। अगर जल्द ही कोई कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान में हमले शुरू किए थे, जिसके जवाब में ईरान इजरायली क्षेत्र और पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। इजरायल और लेबनानी हिजबुल्लाह के बीच तनाव दो मार्च की रात से और बढ़ गया, जब हिजबुल्लाह ने रॉकेट हमले तेज कर दिए। जवाब में इजरायल ने दक्षिणी क्षेत्रों, बेका घाटी और बेरूत के बाहरी इलाकों सहित लेबनान पर बड़े पैमाने पर हमले किए। 16 मार्च को इजरायली सेना ने आधिकारिक तौर पर दक्षिणी लेबनान में जमीनी अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।