Edited By Tanuja,Updated: 13 May, 2026 03:55 PM

अमेरिका ने ईरान की सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps ( IRGC ) के वित्तीय नेटवर्क की जानकारी देने वालों के लिए 1.5 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान तेल कारोबार और गुप्त आर्थिक तंत्र के जरिए क्षेत्रीय...
Washington: अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए उसकी सैन्य संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के वित्तीय नेटवर्क की जानकारी देने वालों के लिए 1.5 करोड़ डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह कदम ईरान के कथित अवैध तेल कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय तंत्र को निशाना बनाने के लिए उठाया गया है। अमेरिका के अनुसार IRGC और उसकी विभिन्न शाखाएं तेल बिक्री, फर्जी कंपनियों और गुप्त वित्तीय चैनलों के जरिए धन जुटाती हैं, जिसका इस्तेमाल क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों और सहयोगी संगठनों को समर्थन देने में किया जाता है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन “आर्थिक प्रहार” नीति के तहत ईरान पर दबाव बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री और ढुलाई से जुड़े एक नेटवर्क तथा आईआरजीसी के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका का आरोप है कि ये अधिकारी तेल कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन का समन्वय कर रहे थे। इनाम योजना के तहत अमेरिका ऐसी जानकारी मांग रहा है जिससे आईआरजीसी के वित्तीय ढांचे, प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क, फर्जी कंपनियों, गुप्त बैंकिंग चैनलों और दोहरे उपयोग वाली तकनीकों की खरीद प्रणाली को बाधित किया जा सके।
अमेरिका ने यह भी कहा कि ईरान की जनता आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही है, जबकि शासन अपने संसाधनों का उपयोग हथियार कार्यक्रमों और क्षेत्रीय संघर्षों में कर रहा है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अमेरिका-ईरान संबंध बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह रणनीति ईरान की आर्थिक ताकत और उसके क्षेत्रीय प्रभाव को कमजोर करने की कोशिश है, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और पश्चिम एशियाई राजनीति पर भी पड़ सकता है।