पाकिस्तान से निकलते ही ईरान का बदला मिजाज ! कहा-“अमेरिका से बातचीत पूरी तरह खत्म नहीं, गुंजाइश अभी बाकी !”

Edited By Updated: 12 Apr, 2026 02:26 PM

diplomacy never ends iran spokesperson hints there s room for talks

Esmaeil Baqaei ने कहा कि Islamabad में अमेरिका-ईरान वार्ता लंबी रही, कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन मतभेद बरकरार रहे। उन्होंने साफ कहा—“डिप्लोमेसी कभी खत्म नहीं होती” और भविष्य में बातचीत जारी रहने के संकेत दिए।

International Desk: Islamabad में वार्ता फेल होने के बाद ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत भले ही किसी नतीजे पर नहीं पहुंची, लेकिन कूटनीति (डिप्लोमेसी) अभी खत्म नहीं हुई है। Esmaeil Baqaei ने कहा कि हाल की वार्ता पिछले एक साल की सबसे लंबी बातचीत थी।slamabad में हुई यह बातचीत करीब 24–25 घंटे तक चली। यह बातचीत सीधे नहीं, बल्कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के जरिए संदेशों के आदान-प्रदान के रूप में हुई।

 

कुछ सहमति बनी?
कुछ अहम मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच समझ बनी  लेकिन बड़े मुद्दों पर मतभेद बने रहे। इसी वजह से कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया। ईरान ने साफ कहा कि “डिप्लोमेसी कभी खत्म नहीं होती”। कूटनीति हमेशा राष्ट्रीय हितों की रक्षा का माध्यम है चाहे युद्ध हो या शांति, बातचीत जारी रहनी चाहिए । इसलिए भविष्य में भी वार्ता की संभावना बनी हुई है। बकाएई ने बताया कि यह बातचीत ऐसे समय में हुई। 

 

  • जब हाल ही में युद्ध और तनाव रहा।
  • युद्धविराम के बाद भी दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी है।
  • माहौल संदेह और अविश्वास से भरा हुआ है। 

 

किन मुद्दों पर फंसी बातचीत?
ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका और “जायोनिस्ट शासन” (इजराइल) ने ईरान पर सैन्य हमला किया।  पिछले 9 महीनों में यह दूसरी बार हुआ। इस बार बातचीत में नए मुद्दे Strait of Hormuz का मुद्दा, क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, ईरान का परमाणु कार्यक्रम  भी जुड़े जिनकी वजह से समझौता और मुश्किल हो गया।

 

पाकिस्तान की भूमिका
ईरान ने पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा कि  Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir ने अहम भूमिका निभाई। पाकिस्तान ने शानदार मेजबानी और मध्यस्थता की। इस बीच Donald Trump ने संकेत दिया है कि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ी, तो ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) जैसे सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं। हालांकि बातचीत इस बार भी सफल नहीं रही, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। तनाव, अविश्वास और बड़े मुद्दों के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे, जो भविष्य में किसी बड़े समझौते का रास्ता खोल सकते हैं।
 

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