Edited By Parveen Kumar,Updated: 07 Mar, 2026 11:20 PM

मेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच White House के एक अधिकारी का बयान सामने आया है, जिसने इस संघर्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अधिकारी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव कोई छोटा संघर्ष नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला...
इंटरनेशनल डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच White House के एक अधिकारी का बयान सामने आया है, जिसने इस संघर्ष को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अधिकारी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव कोई छोटा संघर्ष नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला रणनीतिक खेल हो सकता है।
अधिकारी के मुताबिक अमेरिका की चिंता सिर्फ मौजूदा युद्ध तक सीमित नहीं है, बल्कि ईरान के विशाल तेल भंडार और उनके नियंत्रण को लेकर भी है। उनका कहना है कि अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इतने बड़े ऊर्जा संसाधन ऐसे तत्वों के हाथ में न जाएं, जिन्हें वह आतंकवादी या अस्थिरता फैलाने वाला मानता है।
इस बयान के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य दबाव ऊर्जा संसाधनों की रणनीति से भी जुड़ा हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति दोनों पर गहरा पड़ सकता है।