Edited By Pardeep,Updated: 21 Mar, 2026 06:18 AM

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, ताकि ईरान के उन मिसाइल ठिकानों पर हमला किया जा सके जो Strait of Hormuz में जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है, ताकि ईरान के उन मिसाइल ठिकानों पर हमला किया जा सके जो Strait of Hormuz में जहाजों को निशाना बना रहे हैं।
क्यों लिया गया यह फैसला?
ब्रिटेन सरकार के अनुसार ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार हमले और नाकेबंदी की स्थिति बनी हुई है। तेल और गैस से जुड़े जहाजों पर खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है।
किन बेस का होगा इस्तेमाल?
ब्रिटेन ने अमेरिका को इन प्रमुख सैन्य ठिकानों के उपयोग की अनुमति दी है:
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Diego Garcia
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RAF Fairford
इन ठिकानों से अमेरिकी सेना ईरान के मिसाइल सिस्टम और क्षमताओं को कमजोर करने के लिए ऑपरेशन चला सकेगी।
स्टारमर का बड़ा यू-टर्न
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुरुआत में इस मांग को ठुकरा दिया था। लेकिन जैसे ही ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू की, उन्होंने अपना रुख बदलते हुए यह अनुमति दे दी। इस फैसले को विपक्ष की नेता केमी बेडेनोक ने “सबसे बड़ा यू-टर्न” बताया है।
क्या युद्ध में शामिल होगा ब्रिटेन?
ब्रिटेन ने साफ किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम करेगा और अपने लोगों और सहयोगियों की रक्षा करेगा। लेकिन पूरे युद्ध में सीधे शामिल नहीं होगा।
ट्रंप का दबाव और नाराजगी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार ब्रिटेन और यूरोपीय देशों पर दबाव बना रहे हैं। वह चाहते हैं कि NATO देश खुलकर सैन्य कार्रवाई में शामिल हों। ट्रंप ने NATO को “पेपर टाइगर” और “कायर” तक कह दिया, क्योंकि कई देश सीधे युद्ध में उतरने से बच रहे हैं।
क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?
Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री रास्ता है। रोज़ाना दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है।यहां किसी भी तरह का संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।