Edited By Tanuja,Updated: 13 Jun, 2026 03:35 PM

भारतीय जहाजों पर हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ गए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump के आरोपों को ईरान ने पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। वहीं अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने वाले ईरानी...
International Desk: होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तीखा विवाद छिड़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने के आरोप लगाने के बाद तेहरान ने कड़ा पलटवार किया है। भारत में स्थित Embassy of Iran in New Delhi ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना "पूरी तरह बेबुनियाद" है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि यह आरोप दुनिया का ध्यान उस "कठोर सच्चाई" से भटकाने का प्रयास है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय जहाज प्रभावित हुए और तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। ईरानी दूतावास ने कहा कि भारतीय जहाजों को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
उसके अनुसार अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाइयों और उनके परिणामों से ध्यान हटाने के लिए ईरान पर आरोप लगा रहा है। दूतावास ने यह भी कहा कि निर्दोष भारतीय नाविकों की मौत अत्यंत दुखद और शर्मनाक घटना है, जिसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इस घटनाक्रम के बीच भारत ने भी कड़ा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी Jason Meeks को तलब कर भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताया। यह एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार था जब भारत ने अमेरिकी पक्ष के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।
रिपोर्टों के अनुसार 8 जून को पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर Maryvex पर हमला हुआ। जहाज पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया। 10 जून को पलाऊ के ध्वज वाले टैंकर Setebello को निशाना बनाया गया, जिसमें सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई। इसके बाद गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर Jalveer पर भी हमला हुआ, जिसमें 20 भारतीय नागरिक सवार थे। इन घटनाओं ने भारत की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक और व्यापारी जहाज सक्रिय हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सैन्य कमान United States Central Command (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने के लिए कई हमलावर ड्रोन भेजे थे। सेंटकॉम के अनुसार अमेरिकी नौसेना ने सभी ड्रोन को मार गिराया और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग को सुरक्षित बनाए रखा।
अमेरिकी सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारा पूरी तरह खुला हुआ है। सेंटकॉम के मुताबिक ईरान के खिलाफ लागू समुद्री नाकेबंदी के तहत निर्देशों का पालन करने वाले 139 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला गया, जबकि निर्देशों की अनदेखी करने वाले नौ जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया। भारतीय विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से बातचीत कर भारतीय नाविकों की मौत पर गहरी चिंता जताई। भारत ने स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों के खिलाफ किसी भी प्रकार की घातक सैन्य कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है और इस तरह की घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।