ईरान तनाव के बीच अमेरिका का फैसलाः बोइंग के साथ की बड़ी डिफेंस डील, फिर खरीदेगा अरबों के GBU-57 MOP बम

Edited By Updated: 21 Feb, 2026 05:07 PM

gbu 57 mop is back in spotlight u s restocks bunker busters used on iran

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने Boeing के साथ 100 मिलियन डॉलर की डील कर GBU-57 MOP बंकर बस्टर बमों का स्टॉक फिर से भरने का फैसला किया है। यह कदम अमेरिकी सैन्य तैयारियों और संभावित भविष्य की कार्रवाई को दर्शाता है।

International Desk: ईरान के साथ बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका ने अपने सबसे ताकतवर गैर-परमाणु बंकर बस्टर बम GBU-57 MOP की दोबारा खरीद का फैसला किया है। अमेरिकी वायुसेना करीब 100 मिलियन डॉलर की सिंगल-सोर्स डील के तहत Boeing से इन बमों की आपूर्ति लेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह बम केवल बोइंग द्वारा निर्मित किया जाता है, इसलिए किसी अन्य कंपनी को ठेका देने से उत्पादन में देरी हो सकती थी।

 

क्या है GBU-57 MOP?

  • GBU-57 MOP (Massive Ordnance Penetrator) दुनिया के सबसे भारी पारंपरिक बमों में से एक है।
  • वजन: लगभग 30,000 पाउंड (करीब 13,600 किलोग्राम)
  • वारहेड: 5,740 पाउंड
  • क्षमता: 200 फीट गहराई तक मजबूत कंक्रीट को भेदने में सक्षम
  • इसे विशेष रूप से भूमिगत कमांड सेंटर और परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।


ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’  
रिपोर्ट्स के अनुसार, 22 जून 2025 को अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर “ऑपरेशन मिडनाइट हैमर” नाम से कार्रवाई की थी। इस मिशन में सात B-2 स्पिरिट स्टील्थ बमवर्षकों का इस्तेमाल किया गया और 14 MOP बम गिराए गए। इस कार्रवाई के बाद अमेरिकी स्टॉक में कमी आई थी, जिसे अब नई डील के जरिए फिर से भरा जाएगा।

 

स्टॉक फिर से भरने की तैयारी
अमेरिकी वायुसेना के दस्तावेजों के अनुसार, युद्ध में इस्तेमाल हुए बमों की भरपाई आवश्यक है। 2015 तक अमेरिका के पास केवल 20 MOP बम थे। नए बमों की डिलीवरी जनवरी 2028 से शुरू होने की संभावना है। अमेरिका भविष्य में “नेक्स्ट जेनरेशन पेनिट्रेटर (NGP)” विकसित करने पर भी काम कर रहा है, जिसे आधुनिक B-21 रेडर स्टेल्थ बमवर्षकों के साथ उपयोग किया जा सकेगा। फिलहाल MOP की नई खरीद को अस्थायी लेकिन आवश्यक सैन्य कदम माना जा रहा है।

 

ट्रंप की चेतावनी
राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि परमाणु बातचीत जारी रहनी चाहिए, लेकिन यदि समझौता नहीं होता है तो सैन्य कार्रवाई भी विकल्प हो सकती है। अमेरिका की यह डील स्पष्ट संकेत देती है कि वह अपनी रणनीतिक और सैन्य तैयारियों को मजबूत करने में जुटा है। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!