Edited By Tanuja,Updated: 18 Oct, 2026 04:00 PM

फ्रांस में महंगाई और सरकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कई शहरों में हिंसक हो गए। बोर्डो, लिली, मार्सेई और पेरिस में रोलेक्स, हर्मेस, लुई विटॉन और एप्पल के स्टोरों सहित अनेक प्रतिष्ठानों में लूटपाट हुई। प्रधानमंत्री के अनुसार, 1,200 से अधिक लोग...
Paris: फ्रांस में शनिवार को महंगाई और जीवनयापन की बढ़ती लागत के खिलाफ हुए प्रदर्शन कई शहरों में हिंसक हो गए। नकाबपोश उपद्रवियों ने नामी कंपनियों के स्टोरों में घुसकर लूटपाट की और दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल करना पड़ा। समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, बोर्डो शहर की व्यस्त रू सैंट-कैथरीन खरीदारी सड़क पर नकाबपोश लोगों ने कई दुकानों में घुसकर तोड़फोड़ की। यहां एप्पल और लुई विटॉन के स्टोर भी निशाने पर आए। ली शहर में एप्पल के एक स्टोर में लूटपाट की खबर सामने आई। वहीं, मार्सेई में हर्मेस और रोलेक्स के स्टोरों को निशाना बनाया गया। पेरिस में भी प्रदर्शनकारियों ने दुकानों और रेस्तरां में तोड़फोड़ की तथा खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। हालात को देखते हुए लग्जरी ब्रांड डायर ने पेरिस स्थित अपने प्रमुख स्टोर के बाहर निजी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया।
हिंसा के बीच एक दुकानदार का वीडियो सामने आया, जिसमें वह उपद्रवियों से अपनी दुकान को नहीं लूटने की गुहार लगाती दिखाई देती है। महिला को यह कहते सुना जा सकता है, “आप ऐसा क्यों कर रहे हैं? यह आपका मकसद नहीं है।”इसके बावजूद भीड़ उसकी बात अनसुनी कर दुकान में घुस गई। वीडियो में नकाबपोश लोगों को सामान लेकर बाहर निकलते हुए दिखाया गया है। कुछ लोग उन्हें देखकर तालियां बजाते भी दिखाई देते हैं।हिंसा केवल महंगे ब्रांडों की दुकानों तक सीमित नहीं रही। कई शहरों में सुपरमार्केट, दवा की दुकानों, कपड़ों और इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले प्रतिष्ठानों में भी लूटपाट हुई। ल्योन में एक पर्यटन कार्यालय में आग लगा दी गई। मार्सेई और लिली में नगर प्रशासन की इमारतों में घुसकर तोड़फोड़ की गई।
लिमोज शहर में नकाबपोश प्रदर्शनकारी टाउन हॉल में घुस गए और वहां आग लगा दी। क्षेत्र के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आग से 140 साल से अधिक पुरानी इस इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। पेरिस में प्लेस देस पिरामिड पर जोन ऑफ आर्क की प्रतिमा पर एक व्यक्ति के चढ़ने की घटना भी सामने आई। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने बताया कि हिंसा के दौरान 1,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 150 पुलिसकर्मी घायल हुए। कई शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। फ्रांस के गृह मंत्रालय के अनुसार, देशभर में प्रदर्शनों में लगभग 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें करीब 1.1 लाख लोग पेरिस में थे।
राष्ट्रपति मैक्रों ने दी कार्रवाई की चेतावनी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा और लूटपाट की निंदा करते हुए कहा कि दुकानों, प्रशासनिक कार्यालयों और नगर भवनों में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मैक्रों ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सार्वजनिक इमारतों और कारोबारों पर हमला करने तथा लूटपाट में शामिल लोगों को मुकदमे और सजा का सामना करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने भी प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को बेहद गंभीर बताते हुए इसकी आलोचना की।