Edited By Tanuja,Updated: 24 Oct, 2026 08:23 PM

रूस के साथ तनाव और साइबर हमलों की चिंताओं के बीच ब्रिटेन ने लोगों से घरों में 72 घंटे का पानी, भोजन और जरूरी सामान रखने को कहा है। ‘बी रेडी’ अभियान का उद्देश्य आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ाना है। हालांकि, इसे रूस के आसन्न हमले की निश्चित...
London: ब्रिटेन में रूस से बढ़ते तनाव के बीच सरकार की ओर से लोगों को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की सलाह दिए जाने से सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सरकार ने लोगों से घरों में कम से कम 72 घंटे यानी तीन दिन तक चलने वाला पानी, भोजन और अन्य जरूरी सामान रखने को कहा है। ‘बी रेडी’ नाम से शुरू इस अभियान में बिजली, पानी, इंटरनेट और भुगतान व्यवस्था ठप होने जैसी परिस्थितियों से निपटने पर जोर दिया गया है। हालांकि, सरकार ने इसे रूस के आसन्न हमले की चेतावनी नहीं बताया है, लेकिन शत्रु देशों से जुड़े खतरों और साइबर हमलों की आशंकाओं को गंभीर जरूर माना है।
ब्रिटेन की सरकार ने 22 अक्टूबर को ‘बी रेडी’ अभियान के तहत नई आपातकालीन सलाह जारी की। रक्षा मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने चेताया कि देश को ऐसे खतरों के लिए तैयार रहना होगा, जिनमें शत्रु देश या साइबर अपराधी रोजमर्रा की सेवाओं को बाधित कर सकते हैं। उन्होंने ऐसी स्थिति का उदाहरण दिया, जिसमें किसी सुपरमार्केट की डिजिटल भुगतान व्यवस्था बंद हो जाए या जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हो जाए। ब्रिटेन की चिंता सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं तक सीमित नहीं है। रूस के साथ बढ़ते तनाव, साइबर सुरक्षा की चुनौतियों और जरूरी ढांचे पर संभावित हमलों को भी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हाल के दिनों में सॉफ्टवेयर सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर कमजोरी ने भी सरकारी और निजी संस्थानों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है।
जनता को तीन दिन का राशन रखने की सलाह क्यों?
ब्रिटिश सरकार चाहती है कि किसी आपात स्थिति में लोग शुरुआती तीन दिनों तक अपनी बुनियादी जरूरतें खुद पूरी कर सकें। बिजली-पानी की आपूर्ति बाधित होने, फोन और इंटरनेट बंद पड़ने या राहत सेवाओं तक पहुंच में देरी होने पर घरों में जरूरी सामान उपलब्ध रहना मददगार हो सकता है। सरकार की सलाह के मुताबिक, प्रत्येक व्यक्ति के लिए रोजाना करीब तीन लीटर पीने का पानी रखा जाना चाहिए। इसके अलावा डिब्बाबंद और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला भोजन, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां, पावर बैंक, रेडियो, प्राथमिक उपचार किट, जरूरी दवाइयां और कुछ नकदी भी तैयार रखनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोगों को एक ही बार में सारा सामान खरीदने की जरूरत नहीं है। वे अपनी जरूरत और क्षमता के हिसाब से धीरे-धीरे आपातकालीन किट तैयार कर सकते हैं।
क्या रूस सीधे ब्रिटेन को बना सकता निशाना ?
रूस और ब्रिटेन के संबंध यूक्रेन युद्ध तथा कीव को ब्रिटिश समर्थन के कारण लंबे समय से तनावपूर्ण हैं। मॉस्को ने यूक्रेन को पश्चिमी देशों की ओर से दी जाने वाली सैन्य सहायता पर कई बार आपत्ति जताई है। ब्रिटेन को आशंका है कि शत्रुतापूर्ण देश साइबर हमलों, तोड़फोड़ या जरूरी सेवाओं को बाधित करने जैसी गतिविधियों के जरिए नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं।हालांकि, ब्रिटेन की ओर से तीन दिन का सामान रखने की सलाह जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि रूस का हमला होने वाला है। ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने लोगों को संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहने की बात कही है, लेकिन घबराने की जरूरत से इनकार किया है। सरकार ने इस अभियान को व्यापक आपातकालीन तैयारी का हिस्सा बताया है।
यूरोप में पहले से चल रही है ऐसी तैयारी
ब्रिटेन की यह पहल यूरोप के उन देशों की तैयारियों के अनुरूप है, जहां नागरिकों को आपात स्थितियों में कम से कम 72 घंटे तक अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए तैयार रहने की सलाह दी जाती रही है। फ्रांस, आयरलैंड और नीदरलैंड सहित कई देश ऐसी तैयारियों को बढ़ावा दे रहे हैं। ब्रिटिश सरकार का मानना है कि अगर परिवार शुरुआती दौर में पानी, भोजन और अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था खुद कर सकें, तो आपातकालीन सेवाएं उन लोगों की मदद पर अधिक ध्यान दे पाएंगी जिन्हें तत्काल सहायता की जरूरत है।