जेब पर पड़ेगा हवाई सफर का बोझ, IndiGo के CEO बोले- बढ़ती ईंधन लागत के चलते किराया बढ़ाना मजबूरी

Edited By Updated: 30 Oct, 2026 06:01 AM

air travel will be a burden on the pocket

विमान ईंधन (ATF) की आसमान छूती कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट के कारण भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) अपने हवाई किरायों में बढ़ोतरी करने जा रही है।

नई दिल्ली : विमान ईंधन (ATF) की आसमान छूती कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये में आ रही गिरावट के कारण भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) अपने हवाई किरायों में बढ़ोतरी करने जा रही है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विली वॉल्श ने मीडिया ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि ईंधन बिल में भारी बढ़ोतरी के असर की भरपाई के लिए एयरलाइन के पास किराया बढ़ाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि कंपनी अपने लो-फेयर मॉडल को ध्यान में रखते हुए किराए में इस बढ़ोतरी को न्यूनतम रखने की कोशिश करेगी।

सितंबर तिमाही में ₹1,879 करोड़ का घाटा; खर्चों में भारी बढ़ोतरी 
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (सितंबर तिमाही) में इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन को 1,879.1 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। यद्यपि पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹2,582.1 करोड़ के घाटे की तुलना में इसमें सुधार हुआ है, लेकिन बढ़ते परिचालन खर्चों ने लाभप्रदता पर असर डाला है। इस दौरान कंपनी की कुल आय बढ़कर 24,311.9 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 19,599.5 करोड़ रुपये थी। हालांकि, कुल आय में वृद्धि के बावजूद कुल खर्च बढ़कर 26,188.4 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

ईंधन खर्च 67% बढ़कर ₹9,966 करोड़ के पार 
घाटे की सबसे बड़ी वजह एयरलाइन के ईंधन बिल में दर्ज की गई रिकॉर्ड बढ़ोतरी रही है। सितंबर तिमाही के दौरान विमान ईंधन (एटीएफ) पर इंडिगो का खर्च 67.2 प्रतिशत उछलकर 9,966.8 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया संकट और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण ईंधन की कीमतों में यह तेजी देखी जा रही है।

लागत में कटौती नहीं, मजबूत लिक्विडिटी से संकट से निपटने का दावा 
अगस्त में पदभार संभालने के बाद अपनी पहली मीडिया बातचीत में CEO विली वॉल्श ने कहा कि एयरलाइन का मौजूदा कॉस्ट स्ट्रक्चर पहले से ही काफी कुशल है, इसलिए किसी बड़े पैमाने पर लागत में कटौती (कॉस्ट-कटिंग) की संभावना नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडिगो के पास मजबूत लिक्विडिटी मौजूद है, जो इसे इस चुनौतीपूर्ण माहौल का सामना करने में प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में रखती है।

रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानें 
गौरतलब है कि इंडिगो के बेड़े में 400 से अधिक विमान शामिल हैं, जो रोजाना 2,200 से अधिक उड़ानों का संचालन करते हैं। एयरलाइन 140 गंतव्यों को जोड़ती है, जिनमें लगभग 40 अंतरराष्ट्रीय गंतव्य शामिल हैं। बीते वर्ष इंडिगो ने लगभग 12.3 करोड़ यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया।

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