भारत ने मध्य एशिया को बताया विस्तारित पड़ोस, क्षेत्रीय साझेदारी पर दिया जोर

Edited By Updated: 12 Jun, 2026 10:59 PM

india calls central asia an extended neighborhood emphasizes regional partnersh

भारत ने शुक्रवार को मध्य एशिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और उसे अपना 'विस्तारित पड़ोस' तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, सुरक्षा एवं समृद्धि में एक अहम साझेदार बताया। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने ताजिकिस्तान के दुशांबे में 'मध्य एशिया –...

इंटरनेशनल डेस्क: भारत ने शुक्रवार को मध्य एशिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और उसे अपना 'विस्तारित पड़ोस' तथा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, सुरक्षा एवं समृद्धि में एक अहम साझेदार बताया। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने ताजिकिस्तान के दुशांबे में 'मध्य एशिया – एससीओ का केंद्र: शांति और संयुक्त विकास का क्षेत्र' विषय पर आयोजित एक सम्मेलन में यह बात कही। 

सिंह ने मध्य एशिया और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के साथ साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नयी दिल्ली में एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि भारत मध्य एशिया को अपना 'विस्तारित पड़ोस' और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, सुरक्षा एवं समृद्धि को बढ़ावा देने में एक अहम साझेदार मानता है। इस सम्मेलन की मेजबानी ताजिकिस्तान कर रहा है, जिसके पास अभी एससीओ की शासनाध्यक्ष परिषद की अध्यक्षता है।

बृहस्पतिवार को दुशांबे पहुँचे सिंह ताजिकिस्तान की दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं और सम्मेलन के दौरान वह एससीओ सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। एससीओ यूरेशिया का एक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा गठबंधन है, जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी। वर्तमान में इसमें नौ सदस्य देश शामिल हैं, जिनमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और मध्य एशिया के कई देश शामिल हैं। 
 

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