Edited By Pardeep,Updated: 03 May, 2026 05:49 AM

मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को 'एयर फ़ोर्स वन' पर सवार होने से पहले पुष्टि की कि वे इस प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, हालांकि उन्होंने...
वाशिंगटन/तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव के बीच ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को 'एयर फ़ोर्स वन' पर सवार होने से पहले पुष्टि की कि वे इस प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, हालांकि उन्होंने ईरान के पिछले 47 वर्षों के इतिहास का हवाला देते हुए इसे स्वीकार करने पर संदेह जताया है।
पाकिस्तान के जरिए भेजा 14 सूत्री फॉर्मूला
सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के 9 सूत्री प्रस्ताव के जवाब में पाकिस्तान के माध्यम से 14 सूत्री प्रस्ताव भेजा है। इस नए प्रस्ताव में ईरान ने सबसे प्रमुख मांग होर्मुज स्ट्रेट और ईरान की आर्थिक नाकाबंदी को हटाने की रखी है। फिलहाल क्षेत्र में तीन हफ्ते का युद्धविराम कायम है, लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट पर छिड़ी 'जंग', अमेरिका की सख्त चेतावनी
दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग 5वां हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता है, जिसे ईरान ने 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद प्रभावी रूप से बंद कर दिया था। अमेरिका ने अब शिपिंग कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान को किसी भी तरह का भुगतान न करें। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि नकद, डिजिटल संपत्ति या किसी भी अन्य रूप में भुगतान करने वाली कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी से चरमराई अर्थव्यवस्था
जवाबी कार्रवाई के रूप में अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी कर रखी है। इससे तेहरान को मिलने वाले तेल राजस्व में भारी गिरावट आई है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, शनिवार को ही 48 वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटने का निर्देश दिया गया है।
जेल में बंद नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत नाजुक
एक तरफ कूटनीतिक जंग जारी है, तो दूसरी तरफ ईरान की जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी (50) की सेहत बेहद बिगड़ गई है। उनके परिवार का कहना है कि शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोप है कि ईरान का खुफिया मंत्रालय उन्हें बेहतर इलाज के लिए तेहरान स्थानांतरित करने का विरोध कर रहा है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि उनका शरीर अब कारावास सहने की स्थिति में नहीं है