सीजफायर के बाद शांति वार्ता या रणनीतिक चाल, फाइनल डील करने पाकिस्तान पहुंच रहे अमेरिका-ईरान के डेलीगेशन

Edited By Updated: 09 Apr, 2026 02:45 PM

iranian delegation to reach islamabad on thursday for talks with us

ईरान का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका-इज़राइल विवाद पर वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच रहा है। इस्लामाबाद में अहम बैठक होगी, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन के आरोपों से माहौल तनावपूर्ण है। पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ दिखा रहा है, जबकि इसकी भूमिका पर पहले ही...

Washington: अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच जारी तनाव के बीच अब पाकिस्तान में एक अहम कूटनीतिक बैठक होने जा रही है। ईरान ने पुष्टि की है कि उसका 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल इस वार्ता में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहा है। यह बैठक दो हफ्ते के युद्धविराम के बाद हो रही है, जिससे इस बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में अविश्वास का माहौल बना हुआ है। ईरान का आरोप है कि इज़राइल लगातार युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है, जिससे शांति प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत Reza Amiri Moghaddam ने कहा कि इन परिस्थितियों के बावजूद ईरान गंभीरता से बातचीत के लिए तैयार है।

 

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अमेरिका और ईरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है। उनका कहना है कि यह वार्ता क्षेत्र में शांति स्थापित करने और विवादों का समाधान निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। अमेरिका की ओर से भी एक प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में शामिल हो सकता है, जिसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance कर सकते हैं। हालांकि, उनके आगमन का समय अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई थी जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इसके बाद पाकिस्तान ने खुद को एक मध्यस्थ के रूप में पेश किया और इस वार्ता की मेजबानी का प्रस्ताव रखा।

 

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान स्वतंत्र मध्यस्थ नहीं, बल्कि अमेरिका के प्रभाव में काम कर रहा है। ऐसे में इस वार्ता की निष्पक्षता को लेकर भी संदेह बना हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की है और कहा है कि वह युद्ध समाप्त करने और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों में सहयोग कर रहा है। कुल मिलाकर, इस्लामाबाद में होने वाली यह बैठक मध्य-पूर्व के भविष्य के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। लेकिन युद्धविराम उल्लंघन के आरोप और देशों के बीच गहरा अविश्वास इस शांति प्रयास को कमजोर भी कर सकते हैं।
 

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